Uttarakhand: “20 साल से क्यों दबाकर रखीं फाइलें?” नैनीताल में अधिकारियों पर जमकर बरसे दीपक रावत

नैनीताल तहसील और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के निरीक्षण में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को कई खामियां मिलीं। वर्षों से लंबित मामलों और रिकॉर्ड में अनियमितताओं पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
Deepak Rawat inspection: Kumaon Commissioner Finds Major Irregularities in Nainital Offices
Image: Kumaon Commissioner Finds Major Irregularities in Nainital Offices

नैनीताल: कुमाऊं कमिश्नर एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने नैनीताल एसडीएम-तहसील कार्यालय और निबंधन कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई प्रशासनिक और अभिलेखीय खामियां सामने आईं, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण और अभिलेखों के बेहतर रखरखाव पर विशेष जोर दिया।

Kumaon Commissioner Finds Major Irregularities in Nainital Offices

निरीक्षण के दौरान धारा 229-बी के अंतर्गत कई ऐसे प्रकरण सामने आए, जो पिछले 15 से 20 वर्षों से लंबित चल रहे हैं। इस पर कमिश्नर दीपक रावत ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए कि प्रत्येक सप्ताह निश्चित तिथि तय कर इन मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। धारा 176 से संबंधित संपत्ति बंटवारे के मामलों की समीक्षा में पाया गया कि कुछ मामलों में एसडीएम द्वारा आदेश जारी किए जाने के बावजूद संबंधित पटवारियों ने ‘कुर्रे’ दाखिल नहीं किए। इस लापरवाही पर आयुक्त ने नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही पर फटकार

राजस्व अहलमद रोहित पालीवाल से धारा 143 से संबंधित प्राप्त आवेदनों की जानकारी मांगी गई, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। साथ ही पत्रावलियों और अभिलेखों का सही तरीके से रखरखाव भी नहीं पाया गया। इस पर कमिश्नर ने कारण बताओ नोटिस जारी करने और प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। इसके अलावा राजस्व निरीक्षकों और उप निरीक्षकों द्वारा समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर भी नाराजगी जताई गई। कमिश्नर ने ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने को कहा। आगे पढ़िए..

लंबित मामलों के निस्तारण तक खुला रहेगा कार्यालय

कमिश्नर ने एसडीएम और तहसीलदार को भी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व निरीक्षकों और उप निरीक्षकों के साथ बैठकर धारा 143 से संबंधित सभी लंबित मामलों का निस्तारण कराया जाए। उन्होंने साफ कहा कि जब तक कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक कार्यालय खुला रहेगा और इसकी अद्यतन रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि धारा 143 के लंबित आवेदनों में देरी के कारणों की रिपोर्ट तैयार की जाए और धारा 229-बी के मामलों में तीन-तीन दिन के अंतराल पर तारीख लगाकर जल्द निस्तारण किया जाए।

सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में भी मिली अनियमितताएं

निरीक्षण के दौरान सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में भी कई अनियमितताएं पाई गईं। जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद संबंधित खरीदार को दस्तावेज देने के लिए रिसिविंग पंजिका उपलब्ध नहीं मिली। इसके अलावा कई रजिस्ट्री से जुड़े विवरण मौके पर उपलब्ध नहीं पाए गए। कमिश्नर दीपक रावत ने इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए सब-रजिस्ट्रार से स्पष्टीकरण तलब किया और भविष्य में इस प्रकार की अनियमितता न होने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एडीएम सौरभ असवाल, प्रशिक्षु आईएएस दिव्यांशु मीणा, एसडीएम नवाजिश खलीक, तहसीलदार अक्षत कुमार भट्ट सहित संबंधित विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।