Uttarakhand News: तेल कंपनियों ने फिर बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम, आम जनता पर बढ़ी महंगाई की मार

Uttarakhand News: तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी है, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। लगातार बढ़ते ईंधन दामों का असर अब परिवहन, सब्जियों और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर भी दिखने लगा है।
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Petrol diesel price hike: Petrol and Diesel Prices Hike Again in Dehradun
Image: Petrol and Diesel Prices Hike Again in Dehradun

देहरादून: सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी है। देहरादून में पेट्रोल 97.85 रुपये और डीजल 93.18 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं सीएनजी भी तीन रुपये महंगी हो गई है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों से महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

Petrol & Diesel Prices Hike Again in Dehradun

जानकारी के अनुसार शनिवार को सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है। पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 91 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 10 दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम करीब पांच रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं। नई कीमतों के बाद Dehradun में पेट्रोल की कीमत 97.85 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 93.18 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इसके अलावा शहर में सीएनजी के दामों में भी तीन रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। अब देहरादून में सीएनजी 97 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रही है।

निजी वाहन चलाने वालों पर बढ़ा बोझ

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। निजी वाहन चलाने वाले लोगों का रोजाना खर्च बढ़ गया है। नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए घर का बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। डीजल की कीमत बढ़ने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रक, बस और माल ढुलाई का खर्च भी बढ़ सकता है। परिवहन महंगा होने से बाजार में सामान पहुंचाने की लागत बढ़ेगी, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर देखने को मिल सकता है। आगे पढ़िए..

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईंधन की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो आने वाले दिनों में सब्जियां, फल, दूध और अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं। माल ढुलाई का खर्च बढ़ने से व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जिसका असर सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा।

कच्चे तेल की कीमतों पर टिकी नजर

जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं। यदि यही स्थिति आगे भी जारी रहती है, तो देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इससे महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने मध्यम वर्ग, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि पहले से ही बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।