उत्तराखंड में डेंगू के मामलों के बीच विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अब मरीजों में पहले चरण में ही डेंगू शॉक सिंड्रोम के लक्षण दिख रहे हैं। दून में अब तक 44 मरीजों की पुष्टि और 10 हॉटस्पॉट चिन्हित।
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देहरादून: उत्तराखंड में डेंगू का खतरा लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। इस बार चिंता की बात सिर्फ मरीजों की संख्या नहीं, बल्कि बीमारी का बदलता क्लीनिकल पैटर्न भी है। विशेषज्ञों के अनुसार अब कई मरीजों में डेंगू शॉक सिंड्रोम (Dengue Shock Syndrome) के गंभीर लक्षण बीमारी के शुरुआती चरण में ही दिखाई दे रहे हैं, जिससे समय पर इलाज बेहद जरूरी हो गया है।
Dengue Cases Rise in Uttarakhand as Doctors Warn of Changing Symptoms
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विजय भंडारी और वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कुमार जी कौल के अनुसार सामान्यतः डेंगू तीन चरणों में विकसित होता है। पहले 2 से 7 दिनों में तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। दूसरे चरण (7 से 14 दिन) में डेंगू शॉक सिंड्रोम विकसित हो सकता है, जिसमें प्लेटलेट्स तेजी से गिरती हैं और शरीर में प्लाज्मा लीक होने लगता है। तीसरा चरण रिकवरी का होता है। लेकिन इस बार कई मरीजों में पहले ही चरण में आंतरिक ब्लीडिंग, फेफड़ों और छाती में पानी भरने तथा सांस लेने में दिक्कत जैसे गंभीर लक्षण सामने आ रहे हैं।
अलग-अलग स्ट्रेन के मच्छरों का हमला बन सकता है वजह
डॉ. कुमार जी कौल के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को डेंगू वायरस के दो या अधिक अलग-अलग स्ट्रेन वाले मच्छर काट लें, तो संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे मामलों में डेंगू शॉक सिंड्रोम जल्दी विकसित होने की आशंका रहती है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि डेंगू के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर ELISA जांच जरूर करानी चाहिए, ताकि समय रहते संक्रमण की पुष्टि और इलाज शुरू किया जा सके। आगे पढ़िए..
दून में 44 मरीजों की पुष्टि, 10 हॉटस्पॉट चिन्हित
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा के अनुसार मई से अब तक देहरादून में 44 डेंगू मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। सामान्यतः डेंगू के मामले सितंबर के बाद बढ़ते हैं, लेकिन इस वर्ष मौसम में लगातार बदलाव के कारण संक्रमण पहले ही फैलने लगा है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 10 डेंगू हॉटस्पॉट भी चिन्हित किए हैं, जहां विशेष निगरानी और रोकथाम अभियान चलाया जा रहा है।
मौसम बना मच्छरों के लिए अनुकूल
डीएवी कॉलेज के जंतु विज्ञान विशेषज्ञ सुनील कुमार का कहना है कि इस बार मौसम में लगातार हो रहे बदलाव से मादा मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू फैलाने वाले प्रमुख मच्छरों में Aedes aegypti, Aedes albopictus, Aedes polynesiensis और Aedes scutellaris शामिल हैं। बार-बार हो रही बारिश और गर्मी का मिश्रण डेंगू के बड़े प्रकोप (Outbreak) का कारण बन सकता है।
डेंगू से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें।
मच्छरदानी, रिपेलेंट और मच्छररोधी उपायों का नियमित इस्तेमाल करें।
तेज बुखार, बदन दर्द या कमजोरी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह के अनुसार जांच और उपचार कराएं।