देवभूमि में हड़कंप..केदारनाथ में हार्ट अटैक से 2 यात्रियों की मौत, यमुनोत्री में भी दो मौत

उत्तराखंड के केदारनाथ और यमुनोत्री में कुल मिलाकर 4 यात्रियों की मौत से हड़कंप मच गया। 48 घंटे के भीतर चार मौतों से हर कोई हैरान है।
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kedarnath dham: four pilgrims died in kedarnath and yamunotri dham
Image: four pilgrims died in kedarnath and yamunotri dham

: सोमवार के दिन देवभूमि में हड़कंप मच गया। पहले खबर केदारनाथ धाम से आई है। बताया जा रहा है कि केदारनाथ धाम में महाराष्ट्र और बिहार के दो तीर्थयात्रियों की हार्ट अटैक से मौत हो गई। खबर ये भी है कि यमुनोत्री में भी दो तीर्थयात्रियों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र के ठाणे के लक्ष्मणदास बाकसमल दुनेजा और बिहार के दरभंगा के निवासी रमेश चंद्र झा केदारनाथ धाम में यात्रा के लिए आए हुए थे। शाम होते होते अचानक दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद हार्ट अटैक से दोनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यमुनोत्री धाम में भी यात्रा के वक्त दो यात्रियों की मौत हो गई। राजस्थान के एक यात्री की यमुनोत्री जाते वक्त जानकीचट्टी में तबीयत खराब हो गई। पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने उन्हें बचाने के लिए जान जोखिम में डाल दी।

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जवानों ने ओजरी डबरकोट का भूस्खलन वाला रास्ता पार किया और यात्री को बड़कोट के अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक यात्री की मौत हो चुकी थी। इसके अलावा बताया जा रहा है कि एक महिला तीर्थयात्री की भी यमुनोत्री से वापस आते वक्त मौत हो गई। बड़कोट के थानाध्यक्ष ने भी मीडिया को कुछ जानकारी दी है। उनका कहना है कि राजस्थान के सवाईं माधोपुर के रामस्वरूप यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए जा रहे थे। इस दौरान तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद पुलिस ने मृत यात्री का शव परिजनों को सौंप दिया। महाराष्ट्र के पुणे की मंगला दाबी की भी यमुनोत्री से वापस आते वक्त मौत हो गई। मंगला दाबी का शव भी परिजनों को सौंप दिया गया है। आपको बता दें कि उत्तराखंड के ऊंचे मंदिरों के रास्तों पर ऑक्सीजन की भी भारी कमी है।

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ऑक्सीजन की कमी होने की वजह से कई बार यात्रियों की सांसें फूलने लगती है। इस वजह से ऑक्सीजन सिलेंडर को हर हाल में अपने साथ रखना जरूरी है। इसके अलावा कभी भी किसी यात्रा पर जाने से पहले अपना मेडिकल चेकअप जरूर करवा लें। खुद शासन द्वारा भी मेडिकल चेकअप की व्यवस्था की गई है। पहाड़ों पर सफर करना इतना भी आसान नहीं है, जितना लोग समझते हैं। यहां कई तरह की स्वास्थ्य से संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पहाड़ों में मौजूद देवस्थानों पर आने से पहले अपने स्वास्थ्य की जांच करना बेहद जरूरी है। कई बार इन छोटी छोटी बातों को ध्यान में ना रखना बड़ी परेशानी का सबब बन जाता है। फिलहाल केदारनाथ और यमुनोत्री में 48 घंटे के भीतर हुई चार मौतों से हड़कंप मचा हुआ है।