केदारनाथ में स्वरोजगार का फॉर्मूला सुपरहिट, अब खुलने जा रहा है उत्तराखंड हाट बाजार

केदारनाथ में स्वरोजगार का फॉर्मूला सुपरहिट हो रहा है। चौलाई के लड्डू और रिंगांल के टोकरियों के बाद अब केदारनाथ में उत्तराखंड हाट बाजार खुलेगा।
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kedarnath: haat bazar to open in kedarnath
Image: haat bazar to open in kedarnath

रुद्रप्रयाग: बाबा केदारनाथ के दर्शनों के लिए आने वाले भक्तों के लिए आने वाला सीजन काफी खास रहेगा। यहां पहुंचने वाले लोगों को उत्तराखंड को करीब से जानने का मौका मिलेगा। ऐसा पहली बार होगा जब केदारनाथ में उत्तराखंड की झलक देखने को मिलेगी। ये सब मुमकिन होगा यहां खुलने वाले हाट बाजार से। देश-दुनिया से केदारनाथ दर्शनों को आने वाले यात्री और पर्यटक यहां तैयार हो रहे हाट बाजार में स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर सकेंगे। इसके अलावा ये बाजार उन्हें पहाड़ी वास्तुकला के भी दर्शन कराएगा। फिलहाल केदारपुरी में बायोमीट्रिक सेंटर के पास 50 दुकानें बनकर तैयार हो चुकी हैं। केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ये किसी सौगात से कम नहीं की भगवान भोलनाथ के दर्शनों के साथ साथ वो उत्तराखंड से जुड़ी चीजों से भी रुबरु हो सकेंगे। उत्तराखंड सरकार ने यात्रा के जरिए पहाड़ी वास्तुकला और संस्कृति के साथ ही स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के मकसद से इस हाट बाजार को तैयार किया है।

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केदारपुरी में बायोमीट्रिक सेंटर के पास तैयार हुई 50 दुकानों में से 33 दुकानें स्थानीय व्यापारियों को आवंटन कर दी गई है। जबकि बाकि की बची दुकानों को भी जल्द आवंटित कर दी जाएगा। इन दुकानों में स्थानीय वास्तुकला से निर्मित वस्तुओं के साथ ही स्थानीय उत्पादों की बिक्री की जाएगी। जिससे केदारनाथ पहुंचने वाले लोग उत्तराखंड की बेहतरीन वस्तुओं को आसानी से खरीद सकेंगे। इन दुकानों के बनने से स्थानिय लोगों के लिए आजीविका कमाने का एक और रास्ता खुल गया है। बता दें कि रुद्रप्रयाग जिले के ग्रामीण अंचल में आज भी लोग वास्तुकला के जरिए अपने आजीविका चलाते हैं। इसके बावजूद सही स्तर पर प्रचार नहीं होने की वजह से ये उत्पाद बाजार तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसका प्रचार-प्रसार करते हुए इन लोगों को सही बाजार उपलब्ध कराने की सोची और फिर नीव पड़ी केदारपुरी में हाट बाजार की।

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इसके जरिए ना सिर्फ स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, बल्कि स्थानिय उत्पाद भी देश भर में अपनी पहचान बना सकेंगे। केदारपुरी में हाट बाजार बनने से स्थानीय काश्तकारों को भी बड़े स्तर का बाजार मिलेगा। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि प्रशासन की मंशा केदारनाथ दर्शनों को आने वाले देशी-विदेशी यात्रियों को पहाड़ की संस्कृति और स्थानीय वास्तु शिल्प से परिचित कराना है। इससे केदारघाटी में पैदा होने वाले उत्पादों को भी बाजार मिलेगा। इस पहल से जहां स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, वहीं लोग खेती करने के लिए भी प्रेरित होंगे। उत्तराखंड सरकार की यह कोशिश स्थानीय लोगों को रोजगार देने के साथ साथ उनके विकास में भी मददगार साबित होगा। इसके अलावा केदारनाथ आने वाले यात्रियों के माध्यम से पहाड़ की संस्कृति और परंपराओं का भी बड़े स्तर पर प्रसार हो सकेगा।