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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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: इस दुनिया के उस पार भी एक दुनिया है और उस दुनिया की कहानियां जब भी सुनने को मिलती हैं तो मारे खौफ के कलेजा मुंह को आ जाता है। ऐसी ही एक कहानी उत्तराखंड के उस बंगले के बारे में भी कही जाती है, जिसे लोग आज भी भटकती आत्माओं का डेरा मानते हैं। इस बंगले के बारे में जो भी सुनता है उसकी रूह सिहर जाती है। चंपावत के लोहाघाट में मौजूद इस बंगले को ऐबी के तौर पर जाना जाता है। इस बंगले को गांव वाले शापित मानते हैं। रात तो क्या दिन में भी लोग इसके आस-पास जाने से डरते हैं। इस बंगले को साल 1905 में बनाया गया था। बंगले में अंग्रेज डॉक्टर मौरिस रहा करते थे। साल 1921 में इस बंगले को अस्पताल बना दिया गया, और इसके साथ ही बंगले से जुड़ी खौफनाक कहानियों की शुरुआत हुई। कहते हैं कि डॉ. मौरिस के पास रहस्यमयी शक्तियां थी, जिसकी बदौलत उन्हें किसी भी आदमी के मरने का दिन पहले ही पता चल जाता था।