टिहरी गढ़वाल का नौजवान फिलीपींस में फंसा, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मदद की अपील

टिहरी गढ़वाल के युवा की ये दर्दभरी कहानी है, जो खाने कमाने के लिए विदेश तो चला गया लेकिन अब वापस आने की गुहार लगा रहा है।
Advertisement Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers

A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.

Example Ads Media
उत्तराखंड: Tehri garhwal youth stuck in philippines
Image: Tehri garhwal youth stuck in philippines

: वो रोजी-रोटी की खातिर अपना पहाड़, अपना घर छोड़कर विदेश गया था। उसे विदेश में नौकरी तो मिली, लेकिन साथ ही प्रताड़ना का वो लंबा दौर भी शुरू हो गया, जिससे वो अब तक निकल नहीं पाया है। ये कहानी है टिहरी के रहने वाले भगवान सिंह की, जो नौकरी के लिए फिलिपींस गया था, लेकिन भगवान सिंह को होटल मालिक के घर में बंदी बना लिया गया। एक वेबसािट में छपी खबर के मुताबिक युवक पिछले एक साल से फिलीपींस की राजधानी मनीला में फंसा हुआ है, युवक के परिजन उसके वापस लौट आने की राह देख रहे हैं। युवक के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि मां भी उसके आने की बाट जोहते-जोहते 28 दिसंबर को चल बसी। अब भगवान सिंह के घर में केवल एक बच्ची बची है, जिसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। आइए इस बारे में विस्तार से जानिए।

यह भी पढें - हर उत्तराखंडी से अपील, 12 साल की अनुष्का नेगी की मदद कीजिए..दुआ दीजिए
टिहरी जिले के गैरी राजपूतों का रहने वाला भगवान सिंह पिछले 1 साल से फिलीपिंस के मनीला में फंसा हुआ है। भगवान सिंह को फिलिपींस के मनीला का वीजा दिलाकर भेजा गया था, जिसे होटल मालिक ने बंदी बना लिया। पिछले 11 महीने से उसे हर दिन प्रताड़ित किया जाता है। यही नहीं भगवान सिंह को उसके घरवालों से बात तक नहीं करने दी जा रही। मानसिक तनाव के चलते पिछले 28 दिसंबर को युवक की मां का हार्ट अटैक से देहांत हो गया। गांव वालों ने मिलकर भगवान सिंह की मां का क्रियाकर्म किया। भगवान सिंह के घर में अब एक बालिका बची है, जिसकी देखभाल के लिए कोई नहीं है। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने अपनी फरियाद सुषमा स्वराज तक पहुंचाने के लिए जिलाधिकारी टिहरी को ज्ञापन दिया। उन्होंने जिला प्रशासन, राज्य और केंद्र सरकार से भी फिलिपींस में फंसे पहाड़ के बेटे को स्वदेश लाने की मांग की है।