हमारे समाज में कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं, जो वास्तव में तारीफ करना बेहद जरूरी है। ऐसे ही एक शिक्षक हैं राजव शर्मा।
-
Komal Negi
-
Advertisement
हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
Example Ads Media
Image: Salute to this differently abled teacher in kotdwar
पौड़ी गढ़वाल: सरकारी स्कूलों के बद्तर हालात किसी से छुपे नहीं हैं, खासकर उत्तराखंड में जहां पर पहाड़ों से भाग कर मैदान का रूख करने के लिए टीचर्स जमीन-आसमान एक किए रहते हैं। ठंड शुरू होते ही गुरु जी और मास्टरनी जी स्कूल छोड़ अपने घरों के लिए निकल पड़ते हैं, लेकिन कुछ टीचर्स ऐसे भी हैं जिनके लिए छुट्टियां आराम फरमाने का नहीं, बल्कि छात्रों का भविष्य संवारने का मौका है। ऐसे ही एक टीचर हैं राजीव शर्मा जो कि ठंड की छुट्टियों में घर जाने की बजाय स्कूल में गणित की एक्सट्रा क्लास ले रहे हैं। राजीव शर्मा कोटद्वार के सिगड्डी में जीआईसी जयदेवपुर में गणित पढ़ाते हैं। इन दिनों शीतकालीन अवकाश चल रहा है, लेकिन राजीव शर्मा ने शीतकालीन अवकाश पर घर जाने की बजाय छात्रों की एक्सट्रा क्लास लेते हैं ताकि उनका रिजल्ट बेहतर हो।
यह भी पढें - उत्तराखंड में अब शिक्षकों को भी देनी होगी परीक्षा, 60 फीसदी नंबर लाने होंगे
राजीव एक पैर से दिव्यांग हैं, लेकिन बच्चों की पढ़ाई के मामले में वे बेहद संवेदनशील हैं। राजीव की मानें तो सरकारी स्कूल में ऐसे बहुत से बच्चे पढ़ते हैं जिनके आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं। ऐसे बच्चे ट्यूशन की फीस अफोर्ड नहीं कर सकते। यही वजह है कि उन्होंने छुट्टियों में बच्चों को गणित पढ़ाने का फैसला लिया। इससे गणित में कमजोर बच्चों को फायदा होगा, साथ ही विद्यालय का बोर्ड परीक्षा परिणाम भी सुधरेगा। स्कूल के प्रिसिंपल से लेकर आस-पास रहने वाले ग्रामीण भी राजीव शर्मा के इस जज्बे की खूब तारीफ कर रहे हैं। फिलहाल इतना जरूर कह सकते हैं कि राजीव शर्मा जैसे शिक्षकों की जरूरत आज पूरे उत्तराखंड को है। राजीव शर्मा जी को राज्य समीक्षा की टीम की तरफ से सलाम। इसी तरह से बच्चों का भविष्य बनाते रहिए।