हाईवे पर भारी ट्रैफिक ने रास्ता रोका.. तो बौखलाये गजराज, तोड़ डाली वन विभाग की चौकी

अल्मोड़ा वन प्रभाग के चेक पोस्ट पर वन कर्मियों की जान पर बन आई, जब हाथियों के झुंड ने वन विभाग के चेक पोस्ट पर हमला कर दिया।
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अल्मोड़ा: Heavy highway traffic stops elephants forest department
Image: Heavy highway traffic stops elephants forest department

रामनगर: गर्मियां बढ़ते ही मैदानी इलाकों के लोग ठंडे मौसम की तलाश में पहाड़ों का रुख करना शुरू कर देते हैं। पहाड़ों में ट्रैफिक बढ़ने के साथ ही यहां सड़कें पर्यटकों से गुलजार होने लगती हैं। जाहिर है गर्म मौसम का जानवरों पर भी उतना ही असर होता है। ये ताजा वाकया अल्मोड़ा का है.. यहां रामनगर की सीमा से सटे अल्मोड़ा वन प्रभाग, मोहान में हाथियों का एक बड़ा झुंड पास की कोसी नदी से पानी पीकर सीटीआर के जंगल की ओर जा रहा था। कहा जा रहा है कि यहां सड़क पर भारी ट्रैफिक होने के कारण हाथियों का ये झुण्ड काफी देर तक हाइवे पार नहीं कर पाया। इसके बाद पास ही मौजूद अल्मोड़ा वन प्रभाग के चेक पोस्ट पर हाथियों का गुस्सा फूट पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक राह रोके जाने से परेशान हाथियों के झुंड ने अल्मोड़ा वन विभाग की चौकी की दीवारें तोड़ डाली और वहां भारी उत्पात मचाया। इसके बाद वहाँ तैनात वन कर्मियों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचायी। पिछले काफी समय से कोसी नदी के पास के इस हाईवे पर जानवरों के लिए कोरीडोर बनाने की मांग पर आँख मूँद कर बैठना एक बार फिर वन विभाग के लिए महंगा साबित हुआ है। आगे पूरी घटना पढ़िए..

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रामनगर की सीमा से सटे मोहान में हाथियों के झुंड ने वन विभाग के चेक पोस्ट पर हमला कर दिया। वन कर्मियों ने भागकर अपनी जान बचाई तो ग्रामीणों ने जब पटाखे फोड़े तब हाथी जंगल की तरफ भागे। वन विभाग द्वारा कहा गया है कि चेक पोस्ट पर वनकर्मी खाना बनाने के लिए आटा गूंथ रहे थे , जब आटे की महक से हाथियों का एक झुंड उस ओर आया। जिसके बाद उन्होंने चौकी पर हमला कर दिया। मोहान में वन विभाग के रेंजर ने बताया की हुए हमले की जानकारी ली जा रही है। वनबीट अधिकारी वीरेंद्र गुप्ता ने मीडिया को बताया कि चेक पोस्ट पर तैनात चंदन पवार और दर्शन सिंह खाना बनाने कि तैयारी कर रहे थे। तभी 17 हाथियों के झुंड ने चौकी की दीवारें तोड़ डाली, इसके बाद लकड़ी का तख्त, रजाई गद्दे फाड़कर सामान तहस नहस कर दिया। इसके बाद सीटीआर की मंदाल रेंज से वनकर्मियों को बुलाया गया जिन्होंने हवाई फायरिंग की। पास ही गांव में मौजूद ग्रामीणों ने भारी आतिशबाजी की। उसके तकरीबन 3 घंटे बाद ही हाथी वहां से गए। उन्होंने बताया कि हाथियों से करीब एक लाख रुपये का नुकसान का आंकलन किया गया है।