एसआईटी ने दो साल पहले हुए सुशील रघुवंशी हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानिए आखिर क्यों हुई थी उनकी हत्या
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कोमल नेगी
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Image: sushil raghuwanshi murder case solved kotdwar
पौड़ी गढ़वाल: ये घटना दो साल पहले 13 सितंबर 2017 की है...कोटद्वार के बहुचर्चित एडवोकेट सुशील रघुवंशी सुबह बीईएल रोड स्थित अपने घर से कोर्ट के लिए निकल रहे थे, लेकिन ये सुबह उनकी जिंदगी की आखिरी सुबह साबित होने वाली थी, जैसे ही सुशील घर से निकले दो बाइकसवार युवक उनके पास आए और उन पर गोली चला दी। खून से लतपथ सुशील वहीं गिर पड़े, घायल हालत में उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया, पर इससे पहले ही उनकी मौत हो गई। हत्याकांड को लेकर खूब बवाल हुआ, पुलिस की फजीहत भी हुई, कोटद्वार के तमाम संगठन पुलिस पर दबाव बनाए हुए थे कि आरोपियों को जल्द पकड़ो, अब दो साल बाद कहीं जाकर पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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एसआईटी ने कोटद्वार कोतवाली में हत्याकांड का खुलासा करते हुए कहा कि वकील सुशील की हत्या में विनोद कुमार गर्ग उर्फ विनोद लाला, सुरेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी और सर्वश्वर उर्फ डब्बू का हाथ था, ये तीनों अब पुलिस की गिरफ्त में हैं, हालांकि एडवोकेट सुशील पर गोली चलाने वाले शॉर्प शूटर अब भी फरार हैं। पुलिस ने भले ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया है, लेकिन आंदोलनरत लोगों का कहना है कि ये खुलासा आधा-अधूरा ही है, लोगों की मानें तो पुलिस को डर था कि ये केस कहीं सीबीआई को ट्रांसफर ना कर दिया जाए, अपनी लाज बचाने के लिए ही पुलिस ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी दिखाई है। वहीं पुलिस का कहना है कि हत्या की वजह जमीन से जुड़ा विवाद था। शुरू से ही यह माना जा रहा था कि हत्याकांड भूमि विवाद से जुड़ा है।
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गहन छानबीन में यह बात सामने आई कि वकील सुशील रघुवंशी की हत्या के तार कोटद्वार भाबर में एससी/एसटी की जमीनों की खरीद-फरोख्त में लगी आपत्तियों से उत्पन्न रंजिश से जुड़े हैं। वकील की हत्या की साजिश तीनों आरोपियों ने तब पौड़ी जेल में बंद शातिर अपराधी एवं शूटर रूपेश त्यागी के साथ मिलकर रची थी। रूपेश त्यागी ने हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बागपत के दो शार्प शूटरों को सुपारी दी। हत्याकांड का मुख्य आरोपी सुरेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी है, जो कि चर्चित सुमित पटवाल हत्याकांड का भी मुख्य आरोपी है। बता दें कि हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सामाजिक संगठन लंबे वक्त से धरना दे रहे थे, जिसके बाद कहीं जाकर हत्याकांड की जांच एसआईटी को सौंपी गई। एसआईटी ने हत्याकांड की साजिश रचने वाले तीनों आरोपियों को पकड़ लिया है, लेकिन हत्याकांड को अंजाम देने वाले शार्प शूटर कौन थे ये अब भी पता नहीं चला है। हालांकि पुलिस का दावा है कि हत्याकांड से जुड़े दूसरे अभियुक्तों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।