देवभूमि में छोटा अमरनाथ..बर्फ के शिवलिंग ने लिया आकार, दर्शनों के लिए आप भी आइए

उत्तराखंड के अमरनाथ धाम यानि टिम्मरसैंण गुफा में बर्फ का शिवलिंग आकार ले चुका है, बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचने लगे हैं..
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पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

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उत्तराखंड: timmersain chota amarnath story
Image: timmersain chota amarnath story

: कहते हैं उत्तराखंड के कण-कण में महादेव विराजते हैं, ये बात काफी हद तक सच भी लगती है..भई देवभूमि है ही इतनी मनोरम और यहां के आध्यात्मिक जादू के तो कहने ही क्या...इंसान तो इंसान देवता भी यहां के सौंदर्य में रम जाते हैं...महादेव का ऐसा ही पावन तीर्थस्थल है चमोली में, जहां टिम्मरसैंण गुफा में आज भी बाबा बर्फानी के दर्शन होते हैं..अब तक आप केवल जम्मू-कश्मीर की अमरनाथ गुफा के बारे में जानते होंगे, लेकिन बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए अब आपको कहीं और जाने की जरूरत नहीं, आप उत्तराखंड में बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकते हैं। नीति घाटी में स्थित गुफा में पवित्र शिवलिंग आकार ले चुका है, जिसके दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं। एक वक्त था जब गुफा में बनने वाले शिवलिंग के बारे में केवल स्थानीय लोगों को ही पता था, पर धीरे-धीरे इस क्षेत्र की ख्याति दूर-दूर तक फैल रही है। यहां सालों से बर्फ का शिवलिंग बनता आ रहा है, इस गुफा को टिम्मरसैंण महादेव गुफा के नाम से जाना जाता है। यहां फरवरी से मार्च तक लोग बाबा बर्फानी के दर्शन करने आते हैं।

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शीतकाल में यहां बर्फ का शिवलिंग आकार लेता है, जिसकी ऊंचाई 10 फीट तक होती है। कहा जाता है कि भगवान शिव नीति घाटी में विश्राम के दौरान इसी गुफा में रुके थे, तब से यहां भगवान का निवास माना जाता है, शिवलिंग के रूप में भगवान हर साल अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। इन दिनों पवित्र गुफा में बना शिवलिंग अपने पूरे आकार में है, गुफा के अंदर बर्फ के अन्य छोटे-छोटे शिवलिंग भी बने हैं। आप भी चाहें तो भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने नीति घाटी जा सकते हैं, बीते दिनों सीमा सड़क संगठन ने नीति हाइवे से बर्फ हटाने के साथ गुफा तक का रास्ता साफ कर दिया है। इसलिए यहां आने-जाने में श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं होगी। अफसोस की बात ये है कि देवभूमि में स्थित बाबा बर्फानी की इस गुफा के बारे में अब भी ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं है। सरकार को इस जगह के प्रचार-प्रसार पर उचित ध्यान देना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य सरकार की आमदनी भी बढ़ेगी।