देखिये - बाबा केदार के दरबार मे चल रहा है फुल्ल भांगड़ा मनोरंजन !! जिस दिन बाबा केदार ने भी तांडव शुरू कर दिया तो क्या होगा ??
2013 आपदा के समय ये हनीमून पॉइंट बना दिया गया था ... तब क्या हुआ था ??
बाबा को नृत्य तो पसन्द है पर अपने मूल स्वभाव वाला -- तांडव !!
आस्था के केंद्र में मनुष्य शांति के लिए जाता है न कि ऐसे सपना चौधरी वाले भांगड़ा के लिए ।।।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में उच्च ध्वनि वाले ऐसे वाद्य यंत्र इको सेंसटिव जोन के लिए भी खतरा ही हैं ।
इस पोस्ट को इतना शेयर करें कि प्रशासन इन चीजों पर रोक लगाए ।।
Posted by भरतु की ब्वारी By NavalKhali on Friday, June 14, 2019