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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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रुद्रप्रयाग: देखिए एक बार फिर से केदारपुरी में वो ही हो रहा है...इस पर रोक लगाने वाला कोई नहीं है। फुल भांगड़ा चल रहा है। किसी को कोई मतलब नहीं कि ऐसा क्यों हो रहा है? किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता कि केदारनाथ में शांति क्यों जरूरी है? डर लगता है और जी घबराता है...कहीं ये वो ही दौर शुरू तो नहीं हो रहा? कहीं ये उसी विभीषिका का बुलावा तो नहीं है? देखिये बाबा केदार के दरबार में चल रहा है फुल्ल भांगड़ा मनोरंजन !! जिस दिन बाबा केदार ने भी तांडव शुरू कर दिया तो क्या होगा ? 2013 आपदा के समय ये हनीमून पॉइंट बना दिया गया था ... तब क्या हुआ था ? बाबा को नृत्य तो पसन्द है पर अपने मूल स्वभाव वाला तांडव ! आस्था के केंद्र में मनुष्य शांति के लिए जाता है न कि ऐसे सपना चौधरी वाले भांगड़ा के लिए उच्च हिमालयी क्षेत्र में उच्च ध्वनि वाले ऐसे वाद्य यंत्र इको सेंसटिव जोन के लिए भी खतरा ही हैं। इस पोस्ट को इतना शेयर करें कि प्रशासन इन चीजों पर रोक लगाए । आगे देखिए वीडियो...
देखिये - बाबा केदार के दरबार मे चल रहा है फुल्ल भांगड़ा मनोरंजन !! जिस दिन बाबा केदार ने भी तांडव शुरू कर दिया तो क्या होगा ??
2013 आपदा के समय ये हनीमून पॉइंट बना दिया गया था ... तब क्या हुआ था ??
बाबा को नृत्य तो पसन्द है पर अपने मूल स्वभाव वाला -- तांडव !!
आस्था के केंद्र में मनुष्य शांति के लिए जाता है न कि ऐसे सपना चौधरी वाले भांगड़ा के लिए ।।।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में उच्च ध्वनि वाले ऐसे वाद्य यंत्र इको सेंसटिव जोन के लिए भी खतरा ही हैं ।
इस पोस्ट को इतना शेयर करें कि प्रशासन इन चीजों पर रोक लगाए ।।
Posted by भरतु की ब्वारी By NavalKhali on Friday, June 14, 2019