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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: देहरादून के राजधानी बनने के साथ ही आलीशान बिल्डिंगें-इमारतें बनने का दौर भी शुरू हो गया था। धीरे-धीरे ये हरा-भरा शहर कंक्रीट के जंगल में बदल रहा है। बिल्डर एक के बाद एक नई बिल्डिंगें खड़ी कर रहे हैं। लोक-लुभावन विज्ञापनों के जरिए उपभोक्ताओं को ललचा रहे हैं। पर बात जब फ्लैट देने की आती है तो बिल्डर्स उपभोक्ता को टालना शुरू कर देते हैं। उपभोक्ता का ज्यादातर पैसा फ्लैट बुक कराने में लग चुका होता है, इसीलिए इंतजार करने के अलावा उसके पास कोई चारा नहीं रहता। दहरादून के एक नामी बिल्डर ने भी अपने दो उपभोक्ताओं के साथ ऐसा ही किया था। पूरा मामला क्या है चलिए बताते हैं। देहरादून में जाखन के रहने वाले यशवंत पाल और कंडोली के रहने वाले विजय वर्मा ने साल 2009 में गणपति बिल्डर्स से फ्लैट बुक कराया था। फ्लैट की कीमत 16.99 लाख रुपये तय हुई थी। नवंबर में उपभोक्ताओं और बिल्डर के बीच कांट्रेक्ट हुआ, जिसके मुताबिक फ्लैट दो साल के भीतर उपभोक्ताओं को दिया जाना था। ऐसा ना होने पर 5 हजार प्रतिमाह की दर से पेनाल्टी देनी थी। आगे पढ़िए