पौड़ी में बच्चे गढ़वाली पढ़ने लगे हैं, प्रशासन की इस पहल को लेकर रजत नेगी ने लोगों की प्रतिक्रिया जानी, देखिए लोगों ने क्या कहा....
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कोमल नेगी
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: rj rajat negi video with garhwali people
: उत्तराखंड की बोली-भाषाएं, संस्कृति हमारा अभिमान हैं। पौड़ी के सरकारी स्कूलों में बच्चे गढ़वाली पढ़ने लगे हैं, रुद्रप्रयाग में भी बच्चे जल्द ही गढ़वाली लिखेंगे-पढ़ेंगे। उम्मीद है अब हमारी गढ़वाली बचेगी, हमारी संस्कृति बचेगी। अच्छी बात ये है कि उत्तराखंड के युवा भी इस प्रयास को बेहतरीन पहल मानते हैं और अपनी-अपनी तरह से गढ़वाली को प्रमोट करने की कोशिशों में जुटे हैं। हाल ही में देहरादून के एक निजी रेडियो चैनल में काम करने वाले रजत नेगी ने पौड़ी प्रशासन की नई पहल पर लोगों की राय जानी। रजत नेगी ने पौड़ी के स्कूलों में शुरू हुए गढ़वाली पाठ्यक्रम के बारे में लोगों से सवाल पूछे, और यकीन मानिए जवाब में इस पहल की लोगों ने खूब सराहना की। पौड़ी प्रशासन के साथ ही, प्रदेश सरकार को भी धन्यवाद दिया। कुल मिलाकर अब प्रदेश का हर बच्चा गढ़वाली बोलने-पढ़ने को तैयार है। रजत ने लोगों की प्रतिक्रियाओं पर एक शानदार वीडियो भी तैयार किया है। आप भी ये वीडियो देखें।
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चलिए अब आपको रजत नेगी के बारे में बताते हैं। रजत आरजे हैं और एक निजी रेडियो स्टेशन के लिए काम करते हैं, ये तो आप जान ही चुके हैं। वो मूलरूप से पौड़ी के ही रहने वाले हैं, पर अब उनका परिवार देहरादून में रहता है। पहाड़ी संस्कृति, पर्यावरण और गढ़वाली को बचाने के लिए बना ये वीडियो रजत का पर्सनल एफर्ट है। वो यूट्यूब और फेसबुक पर अपने बनाए वीडियो अपलोड करते रहते हैं जिन्हें लोग खूब पसंद करते हैं। कई वीडियोज को तो एक-एक लाख से ज्यादा बार देखा गया, सैकड़ों बार शेयर किया गया। रजत कहते हैं कि पौड़ी में शानदार काम हो रहा है, देहरादून में ही ऐसे कई लोग हैं जो भले ही उत्तराखंड के ना हों, लेकिन अच्छी गढ़वाली बोलते हैं, इससे लगाव महसूस करते हैं। हम पहाड़ी हैं तो गढ़वाली बोलने में झिझक कैसी। अपनी संस्कृति-बोली को बचाने का काम कर के सचमुच संतुष्टी का अहसास होता है। युवा पीढ़ी भी नए-नए माध्यमों के जरिए गढ़वाली को प्रमोट करने की कोशिश कर रही है, ये अच्छी पहल है। ऐसी कोशिशें होती रहनी चाहिए। रजत के बनाए इस वीडियो में कैमरे पर उनका साथ दिया है हिमांशु कोठारी ने...ये शानदार वीडियो आप भी देखिए और जानिए कि पौड़ी में हुई पहल का लोग किस तरह स्वागत कर रहे हैं। वीडियो पसंद आए तो इसे शेयर भी करें और कमेंट के तौर पर अपनी प्रतिक्रिया भी दें…