केदारनाथ की ‘ध्यान’ गुफा दुनियाभर में सुपरहिट, अक्टूबर तक बुकिंग फुल

केदारनाथ की ध्यान गुफा से जीएमवीएन ने अब तक 95 हजार रुपये से ज्यादा कमाए हैं, अक्टूबर तक के लिए गुफा की बुकिंग फुल है...
Advertisement जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स

प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails

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Kedarnath: Kedarnath meditation cave booking full till October
Image: Kedarnath meditation cave booking full till October

देहरादून: पीएम मोदी के कदम पड़ते ही केदारनाथ धाम में स्थित ध्यान गुफा के दिन बहुर गए। पिछले साल तक इस गुफा में ठहरने को लेकर लोगों में ज्यादा उत्साह नहीं दिखता था, पर अब तस्वीर बदल चुकी है। देश-विदेश के श्रद्धालु केदारनाथ आ रहे हैं, ध्यान गुफा में साधना कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। ध्यान गुफा की पॉप्युलैरिटी का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि आगामी 31 अक्टूबर तक के लिए ध्यान गुफा की बुकिंग फुल है। यानि अब जो भी श्रद्धालु ध्यान गुफा में रुकना चाहते हैं, उन्हें इंतजार करना होगा। मेडिटेशन केव की देखभाल का जिम्मा जीएमवीएन के पास है। श्रद्धालुओं के लिए ध्यान गुफा खुलने के बाद अब तक यहां 46 श्रद्धालु ध्यान लगा चुके हैं। ध्यान गुफा का निर्माण नेहरू पर्वतारोहण संस्थान ने किया है। इस पर करीब 8 लाख की लागत आई।

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पहाड़ी शैली में बनी ध्यान गुफा को पिछले साल ही तैयार कर लिया गया था, पर लोग यहां आने में रुचि नहीं ले रहे थे। बीते 18 मई को पीएम नरेंद्र मोदी ध्यान गुफा में रहने आए। उन्होंने यहां पर 17 घंटे साधना की। पीएम मोदी की ध्यान गुफा में साधना करने की तस्वीरें देश-विदेश के मीडिया में छाई रहीं, जिसके बाद श्रद्धालु यहां आने लगे। बीते 65 दिनों में 46 श्रद्धालु ध्यान गुफा में साधना कर चुके हैं। बंगलूरू, हैदराबाद, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों के श्रद्धालु केदारनाथ आ रहे हैं, ध्यान गुफा में साधना कर रहे हैं। गढ़वाल मंडल विकास निगम के अधिकारी भी खुश हैं। निगम गुफा के जरिए अब तक 95 हजार से ज्यादा कमा चुका है। गुफा में दिनभर ठहरने का शुल्क 990 रुपये है, जबकि रात्रि प्रवास के लिए 1500 रुपये शुल्क रखा गया है। गुफा में ध्यान और योग करने के लिए अनुकूल माहौल है। एक कर्मचारी की नियमित ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि साधकों को किसी तरह की परेशानी ना हो। अगले डेढ़ महीने के लिए गुफा की बुकिंग फुल हो चुकी है।