देवप्रयाग में शराब फैक्ट्री के विरोध में उतरी साध्वी प्राची, कहा- मैं करूंगी सीएम से बात

संतों के बीच पहुंची साध्वी प्राची ने कहा कि ‘उत्तराखंड देवभूमि है, यहां तीर्थस्थलों पर शराब की बिक्री पर रोक लगनी चाहिए’...
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पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

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Sadhvi prachi: Sadhvi prachi to meet cm trivendra to stop liquor in Uttarakhand’s pilgrimage sites
Image: Sadhvi prachi to meet cm trivendra to stop liquor in Uttarakhand’s pilgrimage sites

देहरादून: उत्तराखंड का प्रसिद्ध तीर्थ देवप्रयाग...ये क्षेत्र पवित्र नदियों के संगम स्थल के साथ ही भगवान श्री रघुनाथ के मंदिर के लिए भी प्रसिद्ध है, पर आजकल ये जगह कुछ और वजहों से सुर्खियां बटोर रही है। देवप्रयाग में शराब बॉटलिंग प्लांट लगने वाला है, कहा जा रहा है कि राजस्व बटोरने के लिए यहां शराब फैक्ट्री बनेगी। स्थानीय लोग, विरोधी पार्टियां और साधु-संत इसका लगातार विरोध कर रहे हैं। बॉटलिंग प्लांट पर सियासत भी खूब हो रही है। अब साध्वी प्राची और मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद भी फैक्ट्री के विरोध में खुल कर सामने आ गए हैं। फैक्ट्री का विरोध कर रहे संतों के बीच पहुंची साध्वी प्राची ने कहा कि उत्तराखंड के तीर्थों में शराब पर प्रतिबंध लगना चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से फैक्ट्री के काम को तुरंत बंद करने की मांग की। साध्वी प्राची ने ये भी कहा कि वो प्रदेश के सीएम से मुलाकात कर उनसे निवेदन करेंगी, कि देवप्रयाग में शराब फैक्ट्री पर रोक लगे। उत्तराखंड देवभूमि है, इसीलिए यहां के तीर्थों में शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध होना चाहिए।

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मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने भी यही बात दोहराई। उन्होंने साफ कहा कि सरकार को केवल राजस्व चाहिए, उन्हें पर्यावरण कि चिंता नहीं है। प्रदेश सरकार यहां की संस्कृति को नष्ट करने में लगी है। आपको बता दें कि क्षेत्रीय लोग देवप्रयाग के डडुआ-भंडाली में शराब फैक्ट्री लगाने का विरोध कर रहे हैं। साधु-संत और हिंदू संगठन पिछले 19 दिन से अनशन पर बैठे हैं। प्रशासन ने आंदोलनकारियों से अब तक कोई बात नहीं की है, ना ही समझौते की कोशिश की। वहीं साधु-संतों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, अनशन जारी रहेगा।