उत्तराखंडियों के लिए तोहफा, अपने बच्चों को जुन्याली गुड़िया दीजिए..संस्कृति से जुड़िए

पहाड़ के तीन युवाओं ने नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने के लिए जुन्याली डॉल्स लांच की हैं, जानिए इस डॉल की खास बातें....वीडियो भी देखिए
Advertisement Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers

A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.

Example Ads Media
jyunali doll: Pahadi doll jyunali in market now
Image: Pahadi doll jyunali in market now

: खूबसूरत डॉल किसे नहीं लुभातीं। हम चाहे बच्चे हों या बड़े, डॉल्स को देखकर सबका बचपन में लौट जाने को जी चाहता है। बात जब डॉल्स की होती है तो हमारे जहन में बार्बी डॉल्स की छवि उभरती है। ऐसा नहीं है कि मार्केट में इंडियन डॉल्स नहीं हैं, लेकिन बार्बी के चार्म के आगे सब कुछ फीका लगता है। दुनियाभर में मशहूर बार्बी डॉल को अब उत्तराखंड की पहाड़ी डॉल्स से कड़ी टक्कर मिलने वाली है। पहाड़ की जुन्याली डॉल्स ना सिर्फ बच्चों के दिलों पर राज करने को तैयार हैं, बल्कि इनके जरिए बच्चे पहाड़ की संस्कृति, वहां के पहनावे और रहन-सहन के बारे में भी सीखेंगे। उत्तराखंड के पारंपरिक परिधानों में सजी जुन्याली डॉल ने मार्केट मे दस्तक दे दी है। मार्केट में पहाड़ी डॉल्स को को लाने का श्रेय जाता है उत्तराखंड के तीन नौजवानों को। इन तीनों नौजवानों ने जुन्याली डॉल्स की बिक्री के लिए बकायदा स्टार्ट अप की शुरुआत की है। तीनों युवा टिहरी के रहने वाले हैं और इनकी कंपनी का नाम है फ्योंली एंड पाइंस।

यह भी पढ़ें - 74 साल के बुजुर्ग इंद्र सिंह बिष्ट, बंजर जमीन पर सेब उगाया..अब हर साल 8 लाख की कमाई
पहले चरण में गढ़वाली और कुमाऊंनी थीम को ध्यान में रखते हुए डॉल्स बनाई गई हैं। शुरुआत में इन डॉल्स का प्रमोशन और बिक्री सोशल साइट्स के जरिए की जा रही है। जुन्याली डॉल खरीदने के लिए आपको फेसबुक पेज PhyonliandpinesLLP और tudslifestyle.com पर जाना होगा। जुन्याली डॉल मार्केट में लाना एकदम नया और अनोखा कांसेप्ट है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी भी इसकी तारीफ कर चुके हैं। डॉल को बनाने वाली टीम में दीप नेगी, पंकज और अकबीर शामिल हैं। दीप नेगी टिहरी के जुआ गांव में रहते हैं, जबकि पंकज और अकबीर अलेरू गांव के रहने वाले हैं। दीप नेगी दुबई में काम कर चुके हैं, जबकि पंकज और अकबीर गुड़गांव में आईटी सेक्टर में जॉब कर रहे हैं। ये डॉल्स नई पीढ़ी को पहाड़ की संस्कृति के बारे में बताएगी। डॉल में एक मिनट के 6 लोकगीतों का म्यूजिक डाला गया है। गढ़वाली जुन्याली की कीमत 749 रुपये है, जबकि कुमाऊंनी मॉडल की कीमत 799 रुपये है। जल्द ही जौनसारी, भोटिया और दूसरे क्षेत्रीय आउटफिट्स में भी जुन्याली डॉल्स लांच की जाएंगी।

#Junyali_Pahadi_Princess

First Musical Doll of Uttarakhand

Phyonli & Piness LLP

तो लीजिए पेश है उत्तराखंड की पहली म्यूज़िकल Doll

आशा है आपको पसंद आएगी पहाड़ की जुन्याली ।

तो अब बार्बी को कीजिए बाय और जुन्याली को कीजिए हाई। जन्मदिन या किसी भी शुभ अवसर पर इस से अच्छा उपहार शायद ही कोई होगा।सबसे ख़ास बात पहाड़ की जुन्याली दिखने के साथ-साथ पहाड़ी गानों पर भी नृत्य करतीहै ।पहाड़ी गानो पर नृत्य करती ये उत्तराखंड का पहला टाय है ।कम्पनी का उद्देश्य व्यवसाय के साथ साथ उत्तराखंड की संस्कृति और वेश भूषा को भी जन-जन तक पहुँचना है।अगर आपको भी जुन्याली को ख़रीदना है Phyonli & Pines के पेज को लाइक करें और मैसेज करें।

आप Deepp Negi या Akki Adhikari Pankaj Adhikari को भी मैसेज कर सकते हैं ।

जल्द ही ये जुन्याली Syara Retails Delhi में और online TUDS पर भी उपलब्ध होगी ।

इसके साथ साथ जुन्याली भारत के सभी टाय शोपस पर भी उपलब्ध होगी और भारत से बाहर भेजी जायगी।

Please Share and Support 🙏🏻

Thanks & Regards

- Phyonli & Pines LLP

Posted by उत्तराखंडी गीत on Tuesday, October 8, 2019