उत्तराखंड चीन सीमा पर पहुंचे जनरल बिपिन रावत, गांव वालों को दिया शानदार आइडिया

गुरुवार को आर्मी चीफ बिपिन रावत जवानों को दिवाली की बधाई देने भारत-चीन सीमा पर पहुंचे, इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से भी मुलाकात की..
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Army chief bipin rawat: Army chief bipin rawat arrives at malaria village on indo-china border
Image: Army chief bipin rawat arrives at malaria village on indo-china border

देहरादून: सेना प्रमुख बिपिन रावत गुरुवार को एक बार फिर उत्तराखंड में थे। उन्होंने चमोली से लगे चीन सीमा पर बसे मलारी गांव का दौरा किया। बॉर्डर पर तैनात जवानों से मिले, उनका हौसला बढ़ाया, साथ ही उन्हें दिवाली की बधाई भी दी। इस बार मलारी दौरे पर आए आर्मी चीफ का अंदाज एकदम जुदा नजर आया। वो ग्रामीणों से गर्मजोशी से मिले, साथ ही गांव में आयोजित अखरोट के पौधरोपण कार्यक्रम में हिस्सा भी लिया। गुरुवार सुबह उत्तराखंड पहुंचे सेना प्रमुख मलारी स्थित सेना के हेलीपैड पर उतरे, यहां पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले भोटिया जनजाति के ग्रामीणों के साथ अखरोट के पौधे लगाए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से पलायन पर भी बात की।

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आर्मी चीफ ने कहा कि अगर पलायन रोकना है तो हमें स्वरोजगार को अपनाना होगा। क्षेत्र के लोग अखरोट का उत्पादन कर स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। इससे रोजगार के साधन तो पनपेंगे ही साथ ही पलायन रोकने में भी मदद मिलेगी। आर्मी चीफ ने चौकियों पर तैनात जवानों संग नाश्ता किया और उनका हौसला बढ़ाया। बेहतर कार्य करने वाले जवानों को मेडल भी दिए गए। दोपहर बाद आर्मी चीफ बिपिन रावत सेना के विशेष विमान से देहरादून रवाना हो गए। आपको बता दें कि मलारी गांव भारत-चीन सीमा से सटा अंतिम गांव है, जो कि सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इससे पहले सितंबर में भी आर्मी चीफ उत्तराखंड के दौरे पर आए थे, तब उनके साथ उनके परिजन भी थे। उस वक्त आर्मी चीफ बिपिन रावत ने बदरीनाथ-केदारनाथ धाम के दर्शन किए थे। बाद में वो पौड़ी स्थित अपने ननिहाल भी गए थे।