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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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उधमसिंह नगर: कुछ वक्त पहले उत्तराखंड में एक खबर ने काफी हंगामा मचा दिया था। 16 अगस्त को नानकमत्ता के सूरज अपने साथियों के साथ आईटीबीपी की भर्ती में शामिल होने आए थे पुलिस टॉप दौड़ में पास होने के बाद सूरज काम आईटीबीपी के जवानों के साथ विवाद हो गया था। इसके बाद आरोप लगा कि जवानों ने उसकी लाठी-डंडों से पिटाई की। सूरज का कच्छा बनियान और घड़ी रहस्यमय तरीके से गायब हो गई। 18 अगस्त को सूरज का शव आइटीबीपी के पुराने परिसर में बरामद किया गया था। इसके बाद गांव वालों और सूरज के परिजनों में आक्रोश फैल गया था। उसी वक्त सूरज के पिता ने आईटीबीपी जवानों पर हत्या का आरोप लगाते हुए थाने में केस दर्ज करवाया था। इसके बाद जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो सिर्फ बाहरी चोट होने का खुलासा हुआ। इस मामले के बाद धरना प्रदर्शन शुरू हुआ पुलिस हरकत में आई और आखिरकार तीन आईटीबीपी जवानों को जेल भेजा गया लेकिन अब इससे भी बड़ी खबर यह है कि सूरज के भाई गोविंद ने देर रात अपने ही घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि गोविंद अपने भाई की मौत के बाद से काफी ज्यादा अवसाद में था। हत्यारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और लोगों की गिरफ्तारी नहीं होगी इससे गोविंद बेहद परेशान था। हालांकि इस मामले में पुलिस ने अब तक तीन आईटीबीपी जवानों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है और मामले की जांच चल रही है लेकिन एक ही परिवार के दो बेटों की मौत के बाद परिवार में गम का माहौल है। इससे पहले सूरज को इंसाफ दिलाने के लिए हल्द्वानी में लोगों ने कैंडल मार्च किया और प्रदर्शन किया था। सवाल यह है कि क्या इस मामले की जांच किसी हाई पावर कमेटी द्वारा की जाएगी? सवाल यह भी है आखिर अब तक सूरज हत्याकांड में बाकी गुनहगारों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है?
देहरादून के लोग जहरीली हवा लेने को मजबूर हैं, प्रदूषण की स्थिति बेहद चिंताजनक
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