देहरादून में प्लास्टिक के खिलाफ अनोखे अभियान की शुरुआत हुई। लेकिन ये अभियान खराब ट्रैफिक व्यवस्था और बेतरतीबी के निशान छोड़ गया।
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कोमल
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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: 50 km human chain against polythene in Dehradun
देहरादून: प्लास्टिक पहाड़ के लिए बड़ा खतरा है। अपनी हरी-भरी वादियों और खूबसूरती के लिए मशहूर उत्तराखंड में प्लास्टिक के पहाड़ पनप रहे हैं। पर्यटन को बढ़ावा मिलने से राजस्व तो बढ़ रहा है, लेकिन पहाड़ आने वाले पर्यटकों को अब भी पर्यावरण का महत्व समझाने की जरूरत है। ये शुरुआत हमें खुद से करनी होगी। अच्छी बाद ये है कि प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त करने की मुहिम शुरू की गई लेकिन ये मुहिम खराब व्यवस्थाओं का शिकार हो गई। ‘पॉलीथिन मुक्त ग्रीन दून मिशन’ के तहत देहरादून में 50 किलोमीटर मानव श्रृंखला बनाकर लोगों से प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करने की अपील की गई। सीएम त्रिवेन्द्र से लेकर मेयर, जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने मानव श्रृंख्ला से जुड़कर प्लास्टिक को ना कहने की अपील की। शहर की तरफ आने वाले ट्रैफिक को सुबह 8 बजे से दोपहर एक बजे तक डायवर्ट किया गया।
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शहर में चलने वाले विक्रम, रिक्शा, ऑटो और सिटी बसों की आवाजाही भी बंद रही। मानव श्रृंखला मियांवाला चौक से जोगीवाला, धर्मपुर, बहल चौक, गोयल प्लाजा, राजपुर रोड, घंटाघर, हनुमान मंदिर तक बनाई गई। इसके साथ ही सहारनपुर रोड से निगम कार्यालय तक मानव श्रृंखला बनाकर लोगों से दून को प्लास्टिक मुक्त बनाने की अपील की गई। मानव श्रृंखला ने शहर की जनता की फजीहत करा दी। करीब पांच घंटे रूट डायवर्ट रहने के कारण शहर में जाम लगा रहा। रूट डायवर्ट के चलते लोगों इधर से उधर भटकते रहे। इस दौरान कई लोगों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई। पटेलनगर चौक पर तो करीब एक किलोमीटर लंबा जाम भी लगा।