उत्तराखंड में इगास की छुट्टी को लेकर असमंजस, सोशल मीडिया पर वायरल हुए लेटर ने उड़ाई सभी की नींद

आखिर कौन है जो उत्तराखंड में झूठा शासनादेश फैलाने में जुटा था? इसकी जांच होना बेहद जरूरी हो गया है।
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उत्तराखंड न्यूज: IGAAS HOLIDAY UTTARAKHAND VIRAL MASSAGE
Image: IGAAS HOLIDAY UTTARAKHAND VIRAL MASSAGE

देहरादून: उत्तराखंड में इगास को लेकर अवकाश घोषित होने का फर्जी आदेश खूब वायरल हो रह है। जबकि सच तो ये है कि इस तरह का आदेश जारी नहीं हुआ है। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से इस मामले में जांच की मांग की गई है। हैरानी की बात तो ये है कि इस फर्जी लेटर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के हस्ताक्षर भी हैं। सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार छुट्टी घोषित करने पर विचार कर रही है। लेकिन इस तरह का फर्जी आदेश जारी होना वास्तव में बेहद गंभीर विषय है। राधा रतूड़ी ने इस मामले को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है और कहा कि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। वायरल हुए पत्र को लेकर एफआईआर दर्ज होगी। एक बार के लिए जिसने भी ये आदेश देखा, उसे लगा कि इगास की छुट्टी है। अब जो शासनादेश आया है, उसमें लिखा गया है कि ‘उत्तराखंड में इगास को लेकर फर्जी शासन पत्र वॉट्सएप पर वायरल हो रहा है। इससे प्रदेश में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।’

  • शासन पत्र वॉट्सएप पर वायरल हो रहा है

    IGAAS HOLIDAY UTTARAKHAND VIRAL MASSAGE
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    Image: IGAAS HOLIDAY UTTARAKHAND VIRAL MASSAGE

    आगे लिखा गया है कि ‘जनहित में ये सपष्ट करना है कि 8 नवंबर को कोई अवकाश घोषित नहीं किया गया है।’ देखिए ये शासनादेश