उत्तराखंड : यहां शराब पीकर उत्पात मचा रहे हैं हाथी, गांव वालों ने लगाई मदद की गुहार

हाथियों की शराब पार्टी का खामियाजा महौली गांव के लोग भुगत रहे हैं, नशे में चूर हाथी खेतों में खड़ी फसल बर्बाद कर देते हैं...
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Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

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bajpur: Wild elephant group terror in bajpur
Image: Wild elephant group terror in bajpur

उधमसिंह नगर: अब खबर बाजपुर से, जहां नशेड़ी हाथियों की शराब पार्टी गांव वालों के लिए आफत का सबब बनी हुई है। रात गहराते ही जंगली हाथियों का झुंड कच्ची शराब की भट्ठियों पर पहुंच जाता है, जहां वो लहन यानि कच्ची शराब पीते हैं। शराब का नशा सिर पर तारी होते ही हाथी गांव में धमक जाते हैं और मस्ती में किसानों की खड़ी फसल को बर्बाद कर देते हैं। ये सिलसिला लंबे वक्त से चला आ रहा है, पर शुक्रवार को हालात तब बिगड़ गए जब हाथियों का झुंड आबादी वाले इलाके में पहुंच गया। ग्रामीणों ने कनस्तर बजाकर शोर मचाया, तब कहीं जाकर गजराज वहां से टले। पर जाने से पहले हाथी कई एकड़ में फैली गन्ने की फसल को तबाह कर चुके थे। घटना महौली गांव की है, जहां जंगली हाथियों का आतंक चरम पर है। गांव वालों ने बताया कि हाथियों का झुंड हर दिन खेतों में आकर फसल को रौंद रहा है।

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जंगली हाथी नदी किनारे अवैध रूप से चल रही कच्ची शराब की भट्ठियों पर तैयार लहन पीते हैं। बाद में नशे में झूमते हाथियों का झुंड गांव में तबाही मचाने पहुंच जाता है। हाथी गन्ने सहित दूसरी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। महौली गांव बरहैनी रेंज सीमा पर बसा है। ग्रामीणों ने बताया कि जंगल की तरफ सुरक्षा बाड़ नहीं लगी है, जिस वजह से जंगली जानवर गांव में दाखिल हो जाते हैं। शुक्रवार देर शाम हाथियों ने ढाई एकड़ क्षेत्र में फैली गन्ने की फसल को रौंद दिया। ये हर साल होता है, पर प्रशासन गांववालों को मुआवजा नहीं देता। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगल सीमा पर सुरक्षा बाड़ करने और चौपट हुई फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं बरहैनी रेंजर रूपनारायण गौतम ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है, जल्द ही गांव में वनकर्मियों की टीम भेजी जाएगी।