उत्तराखंड में यात्रियों से भरी बस पर जंगली हाथियों का हमला.. मौत से मची भगदड़

गुस्साए हाथी ने बस से एक यात्री को बाहर खींच लिया और उसे जमीन पर पटक-पटक कर मार डाला..
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Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

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elephant attacked on bus: Wild elephant attacked on bus killed one passenger
Image: Wild elephant attacked on bus killed one passenger

रामनगर: पहाड़ में जंगली जानवर दहशत का सबब बने हुए हैं। बाघ हिंसक हो रहे हैं, राह चलते लोगों पर हमला कर रहे हैं। इसी तरह हाथियों का आतंक भी चरम पर है। हाथी फसल को रौंदने के साथ-साथ लोगों पर हमला कर उनकी जान भी ले रहे हैं। ताजा मामला रामनगर का है, जहां शनिवार को केमू की बस पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया। गुस्साए हाथी ने बस में बैठे एक यात्री को बाहर खींच लिया और उसे जमीन पर पटक-पटक कर मार डाला। मौके से घटना की दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। शनिवार को केमू की बस रामनगर से बागेश्वर जा रही थी। बस चिमटाखाल में हरडा की तरफ सड़क मार्ग से गुजर रही थी। तभी जंगली हाथी ने केमू की बस संख्या यूके 04 पीए 0249 पर हमला कर दिया।

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गुस्साए हाथी को देख बस में चीख-पुकार मच गई। डरे हुए लोग कुछ समझ पाते इससे पहले ही हाथी ने 52 साल के गिरीश चंद्र पांडे को बस से बाहर खींच लिया, और उन्हें पटकने लगा। हाथी के हमले में गिरीश बुरी तरह घायल हो गए। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बस के यात्रियों ने शोर मचाकर और आग जलाकर किसी तरह हाथी को वहां से भगाया। गिरीश चंद्र पांडेय सल्ट के गैरणा गांव के रहने वाले थे। वो इंटर कॉलेज नेवलगांव में प्रवक्ता थे। इस वक्त उनका परिवार रामनगर के पम्पापुरी में रह रहा है। घटना के बाद यात्रियों ने स्थानीय प्रशासन को सूचना देने के लिए कई बार कॉल भी किया पर मोबाइल नेटवर्क की समस्या होने की वजह से स्थानीय प्रशासन को सूचना देर से मिली। बाद में प्रशासन ने दूसरी बस से यात्रियों को बागेश्वर के लिए रवाना किया। हाथी के हमले की घटना से गांव में दहशत है, लोग डरे हे हैं।