अपने कॉरिडोर से रोज गुजरने वाले गुलदार को एक तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी, गुलदार की बायें तरफ की पसलियां और हड्डियां टूट गई थीं...
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कोमल नेगी
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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Guldar dies due to hit by high speed vehicle on highway
अल्मोड़ा: सावधान...वन्य जीव रास्ता पार कर रहे हैं। उत्तराखंड में ये लाइन जगह-जगह लिखी मिल जाती है, पर अफसोस की लोग इस लाइन को पढ़कर इग्नोर कर देते हैं। अल्मोड़ा में गाड़ी चलाते वक्त अगर वाहन चालक ने इस लाइन को अपने जहन में रखा होता, तो शायद मकीड़ी क्षेत्र में रहने वाला गुलदार बच जाता। धारानौला-पिथौरागढ़ हाई पर तेज रफ्तार वाहन ने नर गुलदार को टक्कर मार दी, जिस वजह से उसकी मौत हो गई। वन विभाग ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। मकीड़ी क्षेत्र में रहने वाला गुलदार रोज अपनी मांद से निकल कर जंगल की सैर पर निकलता था। आबादी में रहने वाले लोगों ने भी उसे देखा था, पर अब ये स्वस्थ सुडौल गुलदार कभी चहलकदमी करता नहीं दिखेगा। अपने कॉरिडोर से रोज गुजरने वाले गुलदार को एक तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी। गुलदार की बायें तरफ की पसलियां और हड्डियां टूट गई थीं।
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ज्यादा खून बहने की वजह से गुलदार ने हाईवे पर पड़े-पड़े दम तोड़ दिया। बेजुबान की मौत से लोग सदमे में हैं। जिस राज्य में वाहन चालक इंसानों की जान तक की परवाह नहीं करते, वहां बेजुबान का सड़क हादसे में मारा जाना हैरानी की बात नहीं है। बीते अक्टूबर में रामनगर रेंज के टांडा हाईवे पर वाहन चालक ने गुलदार को वाहन से रौंद दिया था। और अब अल्मोड़ा के मकीड़ी मोहल्ले में बिस्कुट फैक्ट्री के पास गुलदार मृत मिला। उसके जबड़े में गंभीर चोट थी, काफी खून बह चुका था। लोगों ने बताया कि ये गुलदार जंगलात से चीनाखान मोहल्ले का रोज चक्कर लगाता था, पर किसी भी इंसान को आज तक नुकसान नहीं पहुंचाया। नर गुलदार 195 सेमी लंबा और 66 सेमी ऊंचा था, पोस्टमार्टम के बाद उसकी अंत्येष्टि कर दी गई है।