देर शाम 9 साल का अनिकेत घर में खेल रहा था, तभी गुलदार की शक्ल में मौत दबे पांव आई और अनिकेत को उठाकर ले गई..
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कोमल
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Image: Leopard killed 9 years old child in pauri
पौड़ी गढ़वाल: पहाड़ की जिंदगी पहाड़ जैसी कठिन है। बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, गुलदार के हमले में जान गंवा रहे हैं। ऐसा ही चलता रहा तो भला कोई क्यों पहाड़ में रहना चाहेगा। गुलदार के हमले की दिल दहला देने वाली एक खबर पौड़ी के चौबट्टाखाल से आई है, जहां देवकुंडई गांव में गुलदार ने छह साल के मासूम को अपना निवाला बना लिया। बच्चे की खून से सनी, अधखाई लाश जंगल में पड़ी मिली। जिसे देख परिजन बेसुध हो गए। रविवार देर शाम 9 साल का अनिकेत घर में खेल रहा था, तभी गुलदार की शक्ल में मौत दबे पांव आई और अनिकेत को उठाकर ले गई। इसके बाद मासूम की किलकारी किसी ने नहीं सुनी। जब तक परिजन उस तक पहुंचे, उसकी सांसें थम चुकी थीं। अनिकेत अपने घर का इकलौता चिराग था। माता-पिता और परिजन उस पर जान छिड़कते थे, पर अब सब कुछ खत्म हो गया है। गांव में मातम पसरा है, परिजन लाडले को खो देने के गम में सदमे में हैं।
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घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और लोगों से पूछताछ की। आपको बता दें कि देवकुंडई वही गांव है, जहां 11 साल की राखी रावत ने 4 साल के भाई को गुलदार का शिकार होने से बचाया था। राखी का भाई तो बच गया पर गुलदार के हमले में राखी बुरी तरह घायल हुई थी। 17 अक्टूबर को वन विभाग ने गुलदार को पिंजरे में कैद कर दावा किया था कि ये वही गुलदार है, जिसने राखी पर हमला किया था, पर अब वन विभाग के दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं। देवकुंडई गांव के लोग इस घटना के बाद बेहद डर गए थे, थोड़े दिन बाद उनकी जिंदगी फिर से पटरी पर लौटने लगी थी कि तभी रविवार को गुलदार अनिकेत को उठाकर ले गया। अनिकेत की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है।