उत्तराखंड के दिग्गज एक सुर में बोले, सबको देखना चाहिए 'जय जय हो देवभूमि' गीत

लोककलाकारों और रचनाकारों के साथ साथ समाजसेवियों ने भी इस गीत की सराहना की है। गीत के ट्रेलर को अब तक सोशल मीडिया पर 60 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं।
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उत्तराखंड न्यूज: People praise jai jai dev bhoomi song
Image: People praise jai jai dev bhoomi song

देहरादून: सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के मीडिया सलाहकार और वरिष्ठ पत्रकार रमेश भट्ट द्वारा गाए गए गीत 'जय जय हो देवभूमि' को सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ मिल रही है। उत्तराखंड के लोककलाकारों और रचनाकारों के साथ साथ समाजसेवियों ने भी इस गीत की सराहना की है। गीत के ट्रेलर को अब तक सोशल मीडिया पर 60 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं।
प्रसिद्ध जागर गायिका पद्मश्री बसंती बिष्ट का कहना है कि जिस तरीके से 'जय जय हो देवभूमि' गीत का फिल्मांकन किया गया है उससे प्रवासी उत्तराखंडी और दूसरे लोग देवभूमि को और नजदीक से समझ और देख पाएंगे।
पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण ने रमेश भट्ट की गायिकी और गीत के फिल्मांकन को लेकर प्रतिक्रिया दी है। प्रीतम भरतवाण का कहना है कि नए दौर में यह अपने तरीके का पहला गीत है जिसमें 6 मिनट में संपूर्ण उत्तराखंड के दर्शन होते हैं। उत्तराखंड का धार्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य के अदभुत दर्शनों के लिए इस गीत को सभी को देखना चाहिए।
पद्मश्री अनिल जोशी ने कहा कि अब तक वे रमेश भट्ट को सिर्फ एक पत्रकार के तौर पर जानते थे, लेकिन वे इतने मझे हुए गायक भी हैं इस बारे में उन्हें गीत के ट्रेलर से ही पता चला। उनका कहना है कि 'जय जय हो देवभूमि' गीत निश्चित तौर पर प्रवासियों को जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा देता है।
सुप्रसिद्ध जनकवि और गायक हीरासिंह राणा का कहना है कि 6 मिनट के उत्तराखंड दर्शन के इस गीत से नई पीढ़ी को भी नई प्रेरणा मिलेगी। वह अपनी जड़ों से परिचित होगी। हीरासिंह राणा ने कहा कि नए दौर के गायक जिस तरह से तड़क भड़क और पॉप गीतों की ओर जा रहे हैं, ऐसे में रमेश भट्ट ने गोपाल बाबू गोस्वामी द्वारा रचित इस प्राचीन गीत को आधुनिक संगीत के साथ संपूर्ण उत्तराखंड दर्शन के साथ सबके सामने रखा है। अगर किसी को उत्तराखंड देखना है तो उसे यह गीत देखना चाहिए। उत्तराखंड का अध्यात्म, सौंदर्य, परिवेश, संस्कृति, जनजीवन का परिचायक है 'जय जय हो देवभूमि'।
कुमाऊं के प्रसिद्ध गायक शिवदत्त पंत ने भी गीत की सराहना की है। पंत का कहना है कि इस गीत के जरिए संपूर्ण विश्व उत्तराखंड के सजीव दर्शन करेगा और निश्चित तौर पर प्रवासी लोग रिवर्स पलायन को भी मजबूर होंगे। नई पीढ़ी भी अपनी देवभूमि को नजदीक से जान समझ सकेगी।
आपको बता दें कि 'जय जय हो देवभूमि' गीत को स्वर्गीय गोपाल बाबू गोस्वामी ने रचा था। इसे नए तरीके से सुरों से पिरोया है रमेश भट्ट ने। संगीत है संजय कुमोला का और निर्देशन किया है अरविंद नेगी ने। फिल्मांकन में पटवाल फिल्म्स और संदीप कोठारी ने गीत में चार चांद लगा दिए हैं।

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