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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड एक बार फिर शोक में है, सदमे में है। पहाड़ का एक और लाल देश की सेवा करते-करते शहीद हो गया। शहीद जवान का नाम अनिल भट्ट है, वो टिहरी गढ़वाल के रहने वाले थे। रविवार को शहीद अनिल भट्ट को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शहीद का अंतिम संस्कार ऋषिकेश के पूर्णानंद घाट पर हुआ, जहां उनके दस साल के बेटे नमन ने पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। सेना के जवानों ने फायर दागकर शहीद को अंतिम सलामी दी। शहीद अनिल भट्ट सीमा सुरक्षा बल में थे। इन दिनों उनकी तैनाती कोलकाता में थी। वो मूल रूप से टिहरी गढ़वाल, घनसाली के जखनियाल गांव के रहने वाले थे। उनका परिवार प्रेमनगर डोईवाला में रहता है। परिवार में माता-पिता, पत्नी और 10 साल का बेटा नमन है।