देहरादून शहर में अब 'रोपवे' से कीजिए सफर.. ये सेवा देने वाला पहला राज्य बनेगा उत्तराखंड

देहरादून में रोपवे से सफर आसान होगा, साथ ही शहर में आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से भी निजात मिलेगी...
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Ropeway: Journey on ropeway in Dehradun, mou signed
Image: Journey on ropeway in Dehradun, mou signed

देहरादून: देहरादून के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। अब उन्हें शहर के अलग-अलग हिस्सों मे जाने के लिए गाड़ी-ऑटो के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। देहरादून में जल्द ही रोपवे सेवा शुरू होने जा रही है, जिसके बाद लोग हवा से बातें करते हुए शहर में एक जगह से दूसरी जगह आराम से जा सकेंगे। रोपवे सेवा के कई फायदे हैं। इससे लोगों का समय बचेगा, पैसा बचेगा। साथ ही ट्रैफिक के बोझ से हांफ रही राजधानी भी चैन की सांस ले सकेगी। त्रिवेंद्र सरकार ने दून शहर में सामान्य परिवहन प्रणाली के लिए 2200 करोड़ की रोपवे योजना बनाई है। इसके लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और उत्तराखंड रेल परियोजना के बीच एमओयू हो चुका है। पांच महीने में प्रोजेक्ट की डीपीआर भी तैयार हो जाएगी। जिसके बाद प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। सोमवार को देहरादून में रोपवे सिस्टम विकसित करने के लिए उत्तराखंड मेट्रो परियोजना और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के बीच एमओयू पर साइन हुए। चलिए अब आपको इस प्रोजेक्ट की खास बातें बताते हैं। रोपवे परियोजना के तहत दून के 20 से 25 किलोमीटर तक का एरिया कवर किया जाएगा। जिस पर करीब 2200 करोड़ का खर्चा होने का अनुमान है।

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डीपीआर बनाने के लिए 5 महीने का समय तय किया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के दो साल के भीतर रोपवे बनकर तैयार हो जाएगा। ये उत्तराखंड के लिए बड़ी उपलब्धि है क्योंकि रोपवे सेवा शुरू होने के साथ ही देहरादून सामान्य परिवहन के लिए रोपवे सेवा अपनाने वाला देश का पहला शहर बन जाएगा। अब आपको रोपवे रूट के बारे में बताते हैं। रोपवे परियोजना के लिए दो रूट चुने गए हैं। रोपवे का पहला रूट एफआरआई से घंटाघर होकर रिस्पना तक रहेगा। जबकि दूसरा रूट आईएसबीटी से घंटाघर होकर कंडोली, मधुबन होटल तक रहेगा। एक रोपवे की परिवहन क्षमता लगभग 10 यात्रियों की होगी। रोपवे सेवा शुरू होने के बाद देहरादून के आम लोगों और पर्यटकों को बेहतर परिवहन सेवाएं मिलेंगी। ट्रैफिक जाम से भी निजात मिलेगी। इस वक्त देश में ऐसा कोई शहर नहीं है, जहां रोपवे को सामान्य परिवहन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा हो। इस मामले में देहरादून अपनी तरह का पहला शहर होगा, जहां लोग एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए रोपवे का इस्तेमाल करेंगे।