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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: मोबाइल...ये कभी सिर्फ बातचीत का जरिया हुआ करता था, पर अब ये बातचीत कम टाइमपास का जरिया ज्यादा बन गया है। कुछ लोग तो मोबाइल की लत को बढ़ते अपराधों की जड़ भी मानते हैं। बच्चे मोबाइल पर इतना बिजी रहते हैं कि उनके पास माता-पिता से बात करने तक का वक्त नहीं होता। माता-पिता रोक-टोक करते हैं तो बच्चे आत्मघाती कदम उठाने तक से नहीं झिझकते। कुल मिलाकर मोबाइल फोन जिंदगी से ज्यादा प्यारा हो गया है। देहरादून में भी ऐसा ही हुआ। सोमवार को यहां 24 साल के आकाश ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वजह है मोबाइल। परिजनों ने बताया कि आकाश हर वक्त मोबाइल फोन पर चिपका रहता था। 28 दिसंबर को इसी बात पर उसकी और परिवार वालों की बहस हो गई। तब से आकाश लापता था। सोमवार को उसकी लाश गांव के जंगल में पेड़ से लटकी मिली