प्लास्टिक खाऊ मशीन लोगों को पर्यावरण बचाने का मौका दे रही है, और साथ ही रुपये कमाने का भी...
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कोमल
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Image: Plastic bottle crushed machine installed in roorkee
रुड़की: सिंगल यूज प्लास्टिक हमारे पर्यावरण की सेहत बिगाड़ रहा है। सालों पहले जब प्लास्टिक का आविष्कार हुआ था, तब किसने सोचा था ये सहूलियत एक दिन आफत बन जाएगी। आफत भी ऐसी, जिससे छुटकारे का कोई तरीका नहीं। प्लास्टिक के खतरे पर चर्चाएं हो रही हैं, चिंता जताई जा रही है, पर सिर्फ चिंता करने से कुछ नहीं होगा। प्रभावी कदम भी उठाने होंगे। सिंगल यूज प्लास्टिक के खात्मे के लिए एक शानदार पहल रुड़की में हुई है। जहां प्लास्टिक खाऊ मशीन लगाई गई है। अब आप कहेंगे कि ये क्या बला है, दरअसल ये एक बोतल क्रश मशीन है। जिसे प्लास्टिक खाऊ मशीन नाम दिया गया है। मशीन नगर निगम ने लगवाई है। शताब्दी द्वार पर लगी ये मशीन लोगों को पर्यावरण बचाने का मौका दे रही है, और साथ ही रुपये कमाने का भी। वो कैसे ? चलिए बताते हैं। दरअसल इस मशीन में बोतल क्रश कराने वाले व्यक्ति को प्रति बोतल 5 रुपये मिलेगें। ये पांच रुपये पेटीएम के जरिए सीधे खाते में पहुंचेंगे।
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पांच रुपये पेटीएम कैशबैक देकर शहर को साफ कराने की तरकीब बेहद शानदार है। रुड़की में लोग अब घूम-घूमकर प्लास्टिक की बोतलें इकट्ठा कर रहे हैं। बोतल क्रश कराने के एवज में जो पेमेंट मिलेगी, वो मशीन बनाने वाली कंपनी देगी। नगर आयुक्त नूपुर वर्मा ने कहा कि मशीन लगाने का उद्देश्य सिंगल यूज प्लास्टिक का खात्मा करना है। इससे पर्यावरण बचेगा। प्लास्टिक की बोतलों का निस्तारण होगा। लोगों को प्लास्टिक की बोतलें इधर-उधर ना फेंकने के लिए जागरूक किया जा रहा है। बोतल क्रश मशीन लग जाने के बाद शहर में जगह-जगह प्लास्टिक कचरे के ढेर नहीं दिखेंगे। मशीन का उद्घाटन मेयर गौरव गोयल और विधायक प्रदीप बत्रा ने किया। रुड़की में जो शानदार शुरुआत हुई है, उसे दूसरे जिलों में भी अपनाया जा सकता है। रुड़की नगर निगम अब शहर के दूसरे हिस्सों में भी ऐसी मशीनें लगाने की योजना बना रहा है।