उत्तराखंड में प्रॉपर्टी डीलर के घर पुलिस का छापा, 2 करोड़ की नशीली दवाएं बरामद

प्रॉपर्टी डीलर के घर में बने गोदाम को एक दवा व्यवसायी ने किराये पर लिया हुआ था, पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया है...
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क्राइम: Prohibited medicines caught during police raid in property dealer house
Image: Prohibited medicines caught during police raid in property dealer house

उधमसिंह नगर: काशीपुर पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर के घर पर छापा माकर नशीली दवाओं का बड़ा जखीरा बरामद किया। बरामद दवाओं की कीमत दो करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। जिस घर से दवाएं मिली हैं वो एक प्रॉपर्टी डीलर का है। जिसके गोदाम को एक दवा व्यवसायी ने तीन हजार रुपये प्रति माह के किराये पर लिया हुआ था। पुलिस ने मकान के मालिक और दवा व्यवसायी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, मामले की जांच की जा रही है। घटना मानपुर क्षेत्र की है, जहां पुलिस को एक घर में नशीली दवाओं का जखीरा होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम का गठन किया गया। सोमवार को टीम ने एएसपी राजेश भट्ट के नेतृत्व में प्रॉपर्टी डीलर के घर पर छापा मारा। वहां एक कमरे से दवाओं के 52 कार्टून मिले। कार्टून में जो दवाएं रखी थीं, वो प्रतिबंधित दवाओं की श्रेणी में आती हैं। छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमरजीत सिंह साहनी भी मौजूद थे।

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मौके से बरामद ज्यादातर दवाएं नशीली और प्रतिबंधित हैं। जिनमें डाईसाइक्लोमीन, फिनाइल प्रोपलाइन, अल्प्राजोलम, पेंटाजोसिन, कोरेक्स सिरप और ट्रामाडोल जैसी दवाएं शामिल हैं। इसके अलावा नशे के इंजेक्शन भी मिले। बरामद दवाओं की कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर के परिवार से पूछताछ भी की। परिवार की महिलाओं ने बताया कि घर के गोदाम को घासमंडी के एक दवा व्यवसायी ने किराये पर लिया हुआ है। पुलिस ने भवन मालिक गोपाल बिष्ट और दवा व्यवसायी हरिओम अग्रवाल के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है, मामले की जांच की जा रही है। आपको बता दें कि चार साल पहले भी काशीपुर में प्रतिबंधित दवाओं का बड़ा जखीरा पकड़ा गया था। साल 2015 में हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक मेडिकल स्टोर संचालक को पकड़ा था। तब मेडिकल स्टोर से 7 लाख रुपये की प्रतिबंधित दवाएं मिली थीं, जो कि स्टोर काउंटर के नीचे छिपाकर रखी गई थीं।