बड़ी खबर: उत्तराखंड में BJP अध्यक्ष बने बंशीधर भगत, जानिए इनके बारे में सब कुछ

कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।
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बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चुनाव: Banshidhar bhagat new state president of bjp
Image: Banshidhar bhagat new state president of bjp

देहरादून: उत्तराखंड प्रदेश बीजेपी को आज अपना नया मुखिया मिल गया है । बीजेपी के पास मुखिया पद के लिए आधा दर्जन से ज्यादा दावेदार थे। लेकिन एक नाम है जो कि सब पर भारी पड़ा । इसी नाम पर सर्वसम्मति की मुहर लगी। ये नाम है विधायक बंशीधर भगत का, जो कि बीजेपी मुखिया पद के लिए एकदम फिट माने जा रहे थे। वो संतुलन के हर पैमाने पर फिट हैं, यही वजह है कि उनको प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की तरह वो भी कुमाऊं मंडल का प्रतिनिधित्व करते हैं, साथ ही ब्राह्मण भी हैं। बंशीधर भगत नैनीताल जिले की कालाढूंगी सीट से विधायक हैं। वो पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, यही वजह है कि उनके नाम पर सहमति बनी। यह भी पढ़ें - पौड़ी गढ़वाल में 15 साल की छात्रा लापता..ढूंढने में मदद करें, शेयर करें..इन नंबरों पर करें कॉल
बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कई मायनों में खास था। साल 2014 से अब तक बीजेपी हर चुनाव में अजेय रही है। अब साल 2022 का मिशन सामने है। 2022 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पद पर किसी खास चेहरे का होना और भी जरूरी हो जाता है। क्योंकि बीजेपी पर साल 2017 जैसा प्रदर्शन दोहराने का दबाव होगा। प्रदेश अध्यक्ष के लिए बीजेपी के पास आधा दर्जन दावेदारों की फेहरिस्त थी, जिनमें मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, विधायक पुष्कर सिंह धामी, नवीन चंद्र दुमका, सुरेश जोशी और पूर्व प्रदेश मंत्री कैलाश पंत का नाम शामिल थे। पर जिस नाम पर सबकी सहमति बनी है वो नाम विधायक बंशीधर भगत है। क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बनाए रखने के लिए विधायक बंशीधर भगत को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। चलिए अब आपको बंशीधर भगत के बारे में थोड़ा और जानकारी देते हैं। उनका जन्म 8 अगस्त 1951 को भीमताल के भक्यूड़ा में हुआ। बंशीधर भगत हल्द्वानी के लोहरियाताल के रहने वाले हैं। साल 1970 में वो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े। 1975 में जनसंघ के सदस्य बने। साल 1991 में वो पहली बार नैनीताल से विधायक चुने गए। साल 2002 में उत्तराखंड की अंतरिम सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। 2007 में उन्हें दोबारा कैबिनेट मंत्री बनने का मौका मिला। साल 2012 और 2017 में वो विधायक चुने गए। विधायक बंशीधर भगत ने अपने सियासी सफर की शुरुआत किसान आंदोलन से की थी। बीजेपी में उनका अच्छा-खासा दबदबा है। यही वजह है कि विधायक बंशीधर भगत को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।