उत्तराखंड: मारा गया आदमखोर गुलदार, लोगों ने ली चैन की सांस

नरभक्षी गुलदार के खात्मे के लिए देहरादून से दो शूटर बुलाए गए थे...
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Leopard attack: Villagers get relief from killing man eating Leopard
Image: Villagers get relief from killing man eating Leopard

हरिद्वार: हरिद्वार के लोग अब चैन की सांस ले सकते हैं। क्षेत्र में पिछले कई महीने से सक्रिय रहे आदमखोर गुलदार को मार दिया गया। आदमखोर के खात्मे के साथ ही लोगों को इसके आतंक से मुक्ति मिल गई। शनिवार देर शाम देहरादून से आए शिकारियों ने नरभक्षी को गोली मार कर ढेर कर दिया। आदमखोर की तलाश के लिए शनिवार को दिन भर सर्च अभियान चला। देहरादून से आए शूटर नरभक्षी की तलाश में जुटे रहे। जिसमें शाम को सफलता मिली। शूटरों ने गुलदार को मारने के लिए लगातार चार बार प्रयास किया। पहली तीन बार में गुलदार किसी तरह बच निकला, पर चौथी बार वो मौत को चकमा नहीं दे पाया। शिकारियों ने आदमखोर गुलदार को गोली मार दी, और इसके साथ ही हरिद्वार में आतंक का एक दौर खत्म हो गया। लोगों ने चैन की सांस ली।

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राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे आबादी वाले क्षेत्र में सक्रिय गुलदार दो लोगों को अपना निवाला बना चुका था। एक किसान भी गुलदार के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया था। यही नहीं एक जगह तो ये भी पता चला कि गुलदार कब्रिस्तान से लाशें निकाल कर खा रहा है। जिसके बाद बुधवार को वन विभाग ने गुलदार को मारने के आदेश जारी कर दिए थे। शनिवार को देहरादून से आए दो शूटर डॉ. प्रशांत और जहीर बक्शी ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। शिकारियों ने गुलदार को मारने की कई बार कोशिश की, पर वो उन्हें गच्चा देता रहा। चौथी बार में गुलदार को मार दिया गया। आदमखोर गुलदार सिर्फ एक गोली से ढेर हो गया। गुलदार की उम्र करीब 8 साल थी। उसके शव को चिड़ियापुर स्थित रेस्क्यू सेंटर ले जाया जाएगा। जहां पोस्टमार्टम के बाद गुलदार का शव जला दिया जाएगा।