पार्टी हाईकमान ने उत्तराखंड में प्रदेश नेतृत्व का चेहरा बदले जाने की चर्चाओं को अफवाह करार दिया है...त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे और रहेंगे।
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कोमल
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Image: Trivendra singh rawat will remain chief minister for the next two years
देहरादून: उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार अब तक हर अभियान में अजेय रही है। विधानसभा चुनाव हों या फिर लोकसभा चुनाव, पार्टी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर हमेशा भरोसा जताया, और भरोसे की जीत भी हुई। इसके बावजूद प्रदेश में उत्तराखंड नेतृत्व का चेहरा बदले जाने की चर्चाएं खूब होती रही हैं। इससे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र भले ही परेशान ना हों, लेकिन पार्टी संगठन की छवि को धक्का जरूर लगता है। मामले को गंभीरता से लेते हुए बीजेपी हाईकमान ने साफ कर दिया है कि उत्तराखंड में त्रिवेंद्र ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे। सियासी मोर्चे पर त्रिवेंद्र सरकार पार्टी के भीतर बैठे विरोधियों को साधने में भी सफल रही है। प्रदेश सरकार में ऐसे कई बड़े चेहरे हैं, जो अपनी पुरानी पार्टी की सरकार के लिए बवाल की वजह बने रहते थे। इन बड़े चेहरों की मनमर्जियों पर अब लगाम लगी हुई है। कुछ वक्त पहले सोशल मीडिया पर एक खबर छाई रही कि दिल्ली चुनाव के बाद बीजेपी शासित कुछ प्रदेशों के मुखिया बदले जाएंगे। इन प्रदेशों में उत्तराखंड को भी शामिल किया गया था। कुछ लोगों ने तो संभावित मुख्यमंत्रियों का नाम बताना भी शुरू कर दिया था। अब पार्टी हाईकमान ने इस तरह की संभावनाओं को महज अफवाह करार दिया है। आगे पढ़िए
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त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 17 मार्च 2017 को उत्तराखंड के नौंवे मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। उनके कार्यकाल को तीन साल पूरे होने वाले हैं और इस दौरान उन पर भ्रष्टाचार के कोई आरोप नहीं लगे। इस तरह त्रिवेंद्र अपनी साफ छवि को बरकरार रखने में कामयाब रहे। लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने पांचों सीटों पर जीत हासिल की। पंचायत चुनाव में भी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया। पार्टी हाईकमान उनके कामों का आंकलन करता रहता है। बात करें बीजेपी के बड़े चेहरों की तो इनमें सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत, विजय बहुगुणा और डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक जैसे चेहरे शामिल हैं। तीरथ सिंह रावत और डॉ. निशंक को छोड़कर सभी प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। सांसद अजय भट्ट और विधायक बंशीधर भगत का नाम भी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल रहा, पर अब करीब-करीब सभी को साइडलाइन कर दिया गया है। शनिवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बिजी शेड्यूल होने के बावजूद पीएम ने सीएम त्रिवेंद्र को तय वक्त से ज्यादा समय दिया। इस दौरान महाकुंभ की तैयारियों पर चर्चा हुई। इस एक मुलाकात ने त्रिवेंद्र सरकार के कार्यकाल को लेकर सकारात्मक संदेश दिया है। साथ ही पार्टी हाईकमान ने भी साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र पांच साल का कार्यकाल जरूर पूरा करेंगे। त्रिवेंद्र ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।