पहाड़ की गोल्डन गर्ल.. बॉक्सिंग के लिए छोड़ी थी बोर्ड परीक्षा, जीता स्वर्ण पदक

आज हम निवेदिता की सफलता देख रहे हैं, लेकिन इस सफलता के पीछे उनकी सालों की मेहनत और त्याग छिपा है, जिसका फल उन्हें स्वीडन में गोल्ड मेडल के रूप में मिला...
Advertisement चारधाम यात्रा 2026 पैकेज बुकिंग शुरू! ये ऑफर मिस किया तो पछताओगे

चारधाम यात्रा 2026 का सबसे सस्ता पैकेज? कीमत जानकर चौंक जाएंगे!

Example Ads Media
Nivedita karki: Nivedita become golden girl in international junior boxing championship
Image: Nivedita become golden girl in international junior boxing championship

पिथौरागढ़: पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे बनोगे खराब...ये कहावत बच्चों को खूब सुनाई जाती है, उन्हें पढ़ने के लिए खेलों से दूर रहने की नसीहत दी जाती है, पर अब वक्त बदल गया है। अब खेल सिर्फ शौक या जुनून नहीं बल्कि शानदार करियर भी है। पहाड़ की बेटियां खेलों की दुनिया में छाई हुई हैं। इन्हीं में से एक हैं पिथौरागढ़ की रहने वाली निवेदिता कार्की। 15 साल की ये बच्ची बॉक्सिंग चैंपियन बन गई हैं। उन्होंने स्वीडन के बोरास में हुई अंतरराष्ट्रीय जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश को गोल्ड मेडल दिलाकर इतिहास रच दिया। आज हम निवेदिता की सफलता देख रहे हैं, लेकिन इस सफलता के पीछे उनकी सालों की मेहनत और त्याग छिपा है, जिसका फल उन्हें अब गोल्ड मेडल के रूप में मिला। पिथौरागढ़ के कनालीछीना में एक गांव है रणुवा....निवेदिता इसी गांव की रहने वाली हैं। पिछले साल मार्च 2019 में निवेदिता का चयन खेलो इंडिया योजना के तहत नेशनल एकेडमी रोहतक हरियाणा के लिए हुआ था।

यह भी पढ़ें - अवॉर्ड विनिंग गढ़वाली फिल्म बनाना चाहते हैं ये दिग्गज डायरेक्टर, खोलेंगे एक्टिंग इंस्टीट्यूट
उस वक्त निवेदिता 10वीं में थी। बोर्ड की परीक्षाएं सिर पर थीं साथ ही बॉक्सिंग की प्रैक्टिस भी करनी थी। निवेदिता असमंजस में थीं, फिर उन्होंने सोचा बोर्ड की परीक्षाएं वो बाद में भी दे देंगी, लेकिन चैंपियन बनने का मौका बार-बार नहीं मिलेगा। इसके बाद निवेदिता अपना सपना पूरा करने के लिए निकल पड़ीं। नेशनल एकेडमी रोहतक गईं और कई महीने की तैयारी के बाद देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रहीं। उन्होंने स्वीडन के बोरास में हुए खिताबी मुकाबले में 48 किलो भारवर्ग में आयरलैंड की कैरलैग मारिया को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। बेटी की कामयाबी से उत्तराखंड गदगद है। निवेदिता का परिवार मूलरूप से पिथौरागढ़ का रहने वाला है। पिछले महीने ही उनके माता-पिता देहरादून में शिफ्ट हुए हैं। निवेदिता आवासीय बालिका बॉक्सिंग क्रीड़ा छात्रावास पिथौरागढ़ की छात्रा रही हैं। इन दिनों वो नेशनल एकेडमी रोहतक में ट्रेनिंग ले रही हैं। साथ ही हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा की तैयारी में भी जुटी हैं। निवेदिता के पिता बहादुर सिंह कार्की अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट नई दिल्ली में इमीग्रेशन ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। निवेदिता की जीत से पिथौरागढ़ में जश्न का माहौल है। क्षेत्र मे गोल्डन गर्ल के भव्य स्वागत की तैयारियां चल रही हैं।