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केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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पिथौरागढ़: पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे बनोगे खराब...ये कहावत बच्चों को खूब सुनाई जाती है, उन्हें पढ़ने के लिए खेलों से दूर रहने की नसीहत दी जाती है, पर अब वक्त बदल गया है। अब खेल सिर्फ शौक या जुनून नहीं बल्कि शानदार करियर भी है। पहाड़ की बेटियां खेलों की दुनिया में छाई हुई हैं। इन्हीं में से एक हैं पिथौरागढ़ की रहने वाली निवेदिता कार्की। 15 साल की ये बच्ची बॉक्सिंग चैंपियन बन गई हैं। उन्होंने स्वीडन के बोरास में हुई अंतरराष्ट्रीय जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश को गोल्ड मेडल दिलाकर इतिहास रच दिया। आज हम निवेदिता की सफलता देख रहे हैं, लेकिन इस सफलता के पीछे उनकी सालों की मेहनत और त्याग छिपा है, जिसका फल उन्हें अब गोल्ड मेडल के रूप में मिला। पिथौरागढ़ के कनालीछीना में एक गांव है रणुवा....निवेदिता इसी गांव की रहने वाली हैं। पिछले साल मार्च 2019 में निवेदिता का चयन खेलो इंडिया योजना के तहत नेशनल एकेडमी रोहतक हरियाणा के लिए हुआ था।