Advertisement
केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
पौड़ी गढ़वाल: पहाड़ की कर्मठ बेटियां स्वरोजगार से सशक्तिकरण की कहानियां लिख रही हैं। ऐसी ही होनहार बेटी हैं यमकेश्वर की नम्रता कंडवाल (namrata kandwal), जो कि नशे के लिए बदनाम भांग से विभिन्न तरह के उत्पाद बना रही हैं। भांग का ऐसा बढ़िया इस्तेमाल भी हो सकता है, ये किसने सोचा था। नम्रता कंडवाल (namrata kandwal) पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली में रहकर आर्किटेक्ट की पढ़ाई की। चाहतीं तो शहर में अच्छी तनख्वाह वाली जॉब कर सकती थीं, लेकिन कुछ अलग करने की चाहत उन्हें गांव खींच लाई। नम्रता का परिवार कंडवाल गांव में रहता है। दिल्ली से पढ़ाई पूरी करने के बाद वो गांव लौटीं और स्टार्टअप शुरू कर दिया। भांग के रेशे से कई तरह के उत्पाद बनाने लगीं। नम्रता ने हेम्प एग्रोवेंचर्स स्टार्टअप्स की शुरुआत की, जिसे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी सराहा। नम्रता भांग के बीजों और रेशे से रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें बनाती हैं।