उत्तराखंड: गोद में 3 महीने का बच्चा लेकर दिल्ली से पैदल पहुंची महिला

आप और हम घर पर बैठकर कोरोना को कोस रहे हैं, लेकिन जरा उन लोगों के बारे में सोचिए जिनके पास ना तो रोजगार रहा और ना ही ठिकाना। लॉकडाउन के चलते हजारों लोग जगह-जगह फंस गए हैं। पैदल ही अपने गांव, अपने देश के लिए निकल पड़े हैं...
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Coronavirus Uttarakhand: Coronavirus Uttarakhand:Women reached in uttarakhand with her baby
Image: Coronavirus Uttarakhand:Women reached in uttarakhand with her baby

उधमसिंह नगर: कोरोना के चलते जिंदगी बहुत मुश्किल हो गई है। देश 21 दिन के लिए लॉकडाउन है। आप और हम घर पर बैठकर कोरोना को कोस रहे हैं, लेकिन जरा उन लोगों के बारे में सोचिए जिनके पास ना तो रोजगार रहा और ना ही ठिकाना। लॉकडाउन के चलते हजारों लोग जगह-जगह फंस गए हैं। परिवहन सेवाएं बंद हैं, ऐसे में कई लोग रिक्शा, कोई साइकिल तो कोई पैदल ही अपने घर की तरफ निकल पड़ा है। एक ऐसी ही तस्वीर रुद्रपुर में भी देखने को मिली। जहां चिलचिलाती धूप में एक महिला अपनी 3 महीने के बच्चे को लेकर दिल्ली से उत्तराखंड के रुद्रपुर के पास रामपुर पैदल पहुंच गई। रामपुर उत्तराखंड बॉर्डर से सटा एरिया है। महिला समेत कुल 8 नेपाली लोग दिल्ली से यहां पैदल पहुंचे थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी की स्वास्थ्य जांच कराई। इस दौरान पुलिस का मानवीय पहलू भी देखने को मिला। इन लोगों की तकलीफ को समझते हुए पुलिस ने सभी लोगों के लिए वाहन की व्यवस्था कराई और उन्हें बनबसा के लिए रवाना कर दिया।

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महिला और उसके साथ मौजूद लोगों ने बताया कि वो नेपाल के लिए निकले हैं। लॉकडाउन के चलते परिवहन सेवाएं बंद हुईं तो वो लोग 22 मार्च को दिल्ली से उत्तराखंड के लिए पैदल चल पड़े। रास्ते में लोगों ने उनकी मदद भी की। उन्हें खाना दिया। पैदल चलते हुए वो किसी तरह रामपुर बॉर्डर पहुंच गए। उन्हें नेपाल लौटना है। इस वक्त उत्तराखंड के दूसरे क्षेत्रों का भी यही हाल है। देहरादून में कई लोग पैदल ही हरिद्वार के लिए निकल पड़े। इसी तरह दो युवक नैनीताल से पैदल चलकर अल्मोड़ा पहुंचे। बहुत मुश्किल वक्त है। आप और हम घर पर बैठे हैं, इसलिए शायद इन लोगों की तकलीफ का अंदाजा तक नहीं लगा सकते। फिलहाल तो हम बस यही कर सकते हैं कि लॉकडाउन का पालन करें और कोरोना को हराएं। भगवान करे ये परेशानियां जल्द खत्म हो जाएं।

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