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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: एक तरफ कोरोना की महामारी है जिसने अपना आतंक फैलाया हुआ है। भारत में यह आग की तरफ फैल रहा है जिसकी वजह से देश के ऊपर संकट आन पड़ा है। उत्तराखंड में भी कोरोना की वजह से लोग दहशत में हैं। इस कठिन परिस्थिति में टेस्ट करने के लिए किट खरीदनी है, लोगों के लिए अधिक से अधिक आइसोलेशन वॉर्डस बनाने है, जिसके लिए पैसों की ज़रूरत है, उस परिस्थिति में राज्य के मुख्यमंत्री (Trivendra singh rawat) ने सब के लिए मिसाल पेश करके रख दी है। वैश्विक महामारी के चलते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने पांच महीने का वेतन देने की घोषणा की है। उन्होंने यह निर्णय राज्य में वायरस के बढ़ते केस और पीड़ित जनता की सहायता के लिए दिया है। जब उत्तराखंड के ऊपर इस महामारी का साया मंडरा रहा है, उस समय में बहुत ज़रूरी है कि ऐसे कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने पांच महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करके साबित करदिया कि उत्तराखंड राज्य का जिम्मा फिलहाल उनके हाथों में हैं और वो इस ज़िम्मेदारी को सही ढंग से निभाने की क्षमता भी रखते हैं। वे उन लोगों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं जो लोग आर्थिक रूप से आम जनता की मदद के लिए सक्षम हैं।