लॉकडाउन के दिनों में घर पर रहना बन्दिशें नहीं हैं बल्कि देश के लिए बहुत बड़ा योगदान है। ये संदेश उत्तराखंड के प्रसून जोशी (prasoon joshi poetry) ने अपनी कविता के माध्यम से दिया, जिसे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शेयर किया है। आप भ
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Coronavirus Uttarakhand:Prasoon joshi poetry on lockdown
अल्मोड़ा: जहां न पहुंचे रवि, वहाँ पहुंचे कवि। अर्थात जहां सूर्य की किरणों का पहुंच पाना भी असम्भव लगता है वहां कवि के शब्द पहुंच जाते हैं। हाल ही में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री अपने फेसबुक पेज पर प्रसून जोशी (prasoon joshi poetry) की वीडियो पोस्ट की है जिसमें वो एक कविता पढ़ते नजर आ रहे हैं। प्रसून जोशी अल्मोड़ा उत्तराखंड से नाता रखते हैं और देवभूमि का नाम कई जगहों पर रौशन कर चुके हैं। वे हिंदी कवि, लेखक और भारतीय सिनेमा में एक जाने-माने गीतकार हैं। कई राष्ट्रीय पुरस्कारों को खुद के नाम कर चुके प्रसून जोशी सेंसर बोर्ड के चेयरमैन है। उनमें काबिलियत कूट-कूट के भरी है और भारतीय सिनेमा इंडस्ट्री में प्रसून जोशी ने अलग पहचान बनाई है। साथ ही साथ वे एक जागरूक नागरिक हैं और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से भली-भांति परिचित हैं। आगे देखिए वीडियो
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यह वीडियो उन लोगों को जागरूक करने के लिए है जो लॉकडाउन में घर पर रहने को बन्दिश समझते हैं या जिनको लगता है कि सरकार उनकी आज़ादी छीन रही है। दरअसल केंद्र सरकार ने 21 दिनों के लिए समस्त भारत में लॉक डाउन करने का निर्णय लिया था। कोरोना के इस भयावह दौर में यह लॉकडाउन बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस समय सोशल डिस्टेंस बनाना काफी जरूरी है। इसीलिए प्रसून जोशी ने कविता के माध्यम से लोगों को यह बताने की कोशिश की है कि घर पर रहना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। वीडियो में गीतकार प्रसून जोशी स्वरचित कविता पढ़ रहे हैं जो यह संदेश दे रही है कि लॉकडाउन में घर पर रहना देश के लिए बहुत बड़ा योगदान है और सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि देश के प्रति अपना कर्तव्य समझते हुए वो भी इक्कीस दिनों तक बाहर नहीं निकलेंगे। आगे देखिए वीडियो
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लोगों को जागरूक और प्रोत्साहित करने के लिए प्रसून जोशी कहते हैं
इक्कीस दिन का उपवास लिए
जीवन की लंबी सांस लिए
सीमा रेखा न तोड़ेंगे
एक संयम एक विश्वास लिये
चलो मन को दें ये आदेश
हां घर पर रहेगा देश
प्रसून जोशी के इस वीडियो को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने फेसबुक पेज पर साझा किया है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लिखा है कि योगदान के दौरान घरों में रहना कोई बंदिश नहीं है। कोरोना के संकट में घर पर रहना सबसे बड़ी देश सेवा है। प्रसिद्ध गीतकार और सेंसर बोर्ड के चेयरमैन प्रसून जोशी जी की कविता (prasoon joshi poetry) से समझें कि आप लोग लॉकडाउन के दौरान घर पर रहकर कितना बड़ा योगदान दे रहे हैं। देखिए वीडियो