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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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अल्मोड़ा: कोरोना के चलते शादी समारोहों का बैंड बज गया है। बैसाखी के बाद शादियों का सीजन शुरू हो चुका है। अप्रैल से लेकर मई तक प्रदेश में हजारों शादियां होनी थी, लेकिन कोरोना की काली छाया ऐसी पड़ी कि लोगों को अपनी शादियां टालनी पड़ गईं। शादी के बंधन में बंधने जा रहे युवाओं के चेहरे पर मायूसी दिख रही है। जो लोग शादी कर भी रहे हैं, उन्हें प्रशासन के सख्त नियमों का पालन करना पड़ रहा है। बात करें अल्मोड़ा की तो यहां विश्व प्रसिद्ध गोलू देवता के मंदिर (Chitai Golu Temple) में इस महीने 30 से ज्यादा शादियां होनी थी। लोगों ने शादी संपन्न कराने के लिए चितई मंदिर में आवेदन किया था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से सभी विवाह समारोह स्थगित कर दिए गए। अल्मोड़ा के चितई में स्थित गोलू देवता का मंदिर पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। कहते हैं भगवान गोल्ज्यू अपने भक्तों की हर मुराद पूरी करते हैं। यही वजह है कि शादी के बंधन में बंधने वाले ज्यादातर जोड़े भगवान गोल्ज्यू के सानिध्य में नए जीवन की शुरुआत करते हैं। यहां शादी समारोह के लिए पंडाल बनाए गए हैं और अब तो कई मैरिज हॉल भी यहां खुल गए हैं। अप्रैल से मई के बीच यहां 30 से ज्यादा शादियां होनी थीं, लेकिन लॉकडाउन के चलते शादियां टाल दी गईं। यहां मंदिर के साथ-साथ बारात घरों में भी ताला लटका हुआ है।
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