चमोली पुलिस ने निभाया खाकी का फर्ज..600 किलोमीटर दूर फंसे युवक ने कहा- शुक्रिया

चमोली जिले की पुलिस ने एक बार फिर मानवता की मिसाल समाज के सामने पेश की है। नोएडा में फंसे एक युवक ने चमोली पुलिस की कार्यशैली को सलाम किया है।
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Chamoli Police: Chamoli police saves family with the help of twitter
Image: Chamoli police saves family with the help of twitter

चमोली: हम सब अपने-अपने घरों में कैद हो कर बस यही सोच रहे हैं कि कब हमें इस वायरस के चंगुल से छुटकारा मिलेगा। कोरोना ने पूरे भारत को अपने घेरे में ले रखा है। उत्तराखंड में भी कोरोना ने त्राहि-त्राहि मचा रखी है। लोग बेहद डरे हुए हैं और चिंता में हैं। ऐसे में भी पुलिस विभाग दिन-रात बिना किसी शिकायत के अपनी ड्यूटी कर रहा है। इस जानलेवा वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे उत्तराखंड के पुलिसकर्मियों के माथे पर एक शिकन तक मौजूद नहीं रहती। सदैव मुस्कुराहट के साथ वो सबकी मदद के लिए तत्पर रहते हैं। उत्तराखंड पुलिस की जिंदादिली और नेक काम के कई उदाहरण मौजूद हैं। बता दें कि लॉकडाउन के चलते कई लोग दवाइयां न मिलने के कारण परेशान हैं। ऐसे में पुलिस सभी जरूरतमंदों की मदद कर रही हैं और उनतक दवा पहुंचा रही हैं। चाहे वो उधमसिंह नगर में कैंसर पीड़िता को दवाइयां देनी हों या अल्मोड़ा से 20 किमी दूर दवाई पहुंचानी हो, उत्तराखंड पुलिस सदैव सबकी मदद के लिए तैयार रहती है। अब चमोली पुलिस का ऐसा ही मानवीय चेहरा हाल ही में चमोली जिले में देखने को मिला है जिसकी लोग काफी प्रशंसा कर रहे हैं। आगे पढ़िए

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दिल्ली में फंसे एक युवक के द्वारा मदद की गुहार लगाने के बाद चमोली पुलिस ने उसके बुजुर्ग माता-पिता को देहरादून से दवाई मंगवा कर उपलब्ध कराई। चमोली जिले के मानकोट निवासी भरत नेगी लॉकडाउन के कारण अपने घर से 600 किमी दूर नोएडा फंसे हुए हैं। बता दें कि भरत नेगी के माता-पिता बुजुर्ग हैं। हाल ही में उनकी जरूरी लाइफ केयर दवाइयां समाप्त होने पर और स्थानीय मेडिकल स्टोर में दवाइयां उपलब्ध न होने पर उन्होंने बेटे भरत को यह समस्या बताई जिसके बाद भरत ने 19 अप्रैल को ट्विटर पर चमोली पुलिस को टैग करके ट्वीट किया और सहायता की गुहार लगाई। ट्वीट देखने के बाद वर्चुअल पुलिस स्टेशन जनपद चमोली द्वारा भरत नेगी की जानकारी एकत्रित करके उनसे सीएमओ चमोली, डॉ. एमएस खाती का नम्बर साझा किया। भरत ने सीएमओ से बात करके अपनी समस्या उनको बताई। जिसके बाद डॉ. एमएस खाती द्वारा देहरादून से दवाई मंगवा कर भरत नेगी के माता-पिता को उपलब्ध कराई गई। भरत नेगी ने चमोली पुलिस के द्वारा उनके बुजुर्ग मां-बाप की मदद करने पर शुक्रिया अदा किया है।