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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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टिहरी गढ़वाल: जबतक कमलेश भट्ट के परिजन अपने मृत बेटे के आखिरी दर्शन करने दिल्ली पहुंचते तबतक उनको बेटे के शव को वापस लौटाए जाने की खबर मिली थी। जिसके बाद उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। आर्थिक रूप से कमजोर कमलेश के परिजनों ने गुहार लगाई थी कि उनके बेटे को ऋषिकेश तक पहुंचाएं। इस बीच समाजसेवी रोशन रतूड़ी ने एक बड़ी जानकारी दी है। कमलेश भट्ट का पार्थिव शरीर भारत भेज दिया गया है और देर रात दिल्ली पहुंचा जाएगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को दिल्ली से ऋषिकेश ले जाया जाएगा। दुबई से विमान के जरिये कमलेश और उसी के साथ पंजाब और केरल के अन्य दो लोगों के शव को भी दिल्ली लाया गया। खबर है कि एयरपोर्ट ऑथोरिटी ने कमलेश के परिजनों को इस बात की सूचना देते हुए दिल्ली बुलाया है। आगे भी पढ़ लीजिए