उत्तराखड से बाहर फंसे लोग जल्द घर लौटेंगे, गढ़वाल और कुमाऊं में इन्हें मिली जिम्मेदारी

उत्तराखंड सरकार ने दूसरे राज्य में फंसे अपने लोगों को वापस लाने के लिए कमान संभाल ली है। गढ़वाल और कुमाऊं में इन लोगों को जिम्मेदारी दी गई है।
Advertisement भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
Uttarakhand lockdown: uttarakhand govt to bring back uttarakhandi people from other states
Image: uttarakhand govt to bring back uttarakhandi people from other states

देहरादून: उत्तराखंड राज्य के हजारों लोग अब भी बाहर के राज्यों में फंस रखे हैं जिनकी सुरक्षित राज्य वापसी के लिए सरकार एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। कुछ ही दिनों पहले कोटा में उत्तराखंड के फंसे 300 बच्चों को यूपी सरकार की मदद से राज्य में वापस लाया गया। हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने प्रवासी छात्रों, मजदूरों और तीर्थयात्रियों को अपने घर लाने की छूट दी है इसी के साथ त्रिवेंद्र सरकार का रास्ता साफ हो गया है और उत्तराखंड सरकार ने बाहरी प्रदेशों में फंसे लोगों को वापस लाने की दिशा में कार्य करना शुरु कर दिया है। गढ़वाल और कुमाऊं में अलग अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
1- गढ़वाल में इन अधिकारियों मिली जिम्मेदारी
पुलिस अधीक्षक यातायात देहरादून और महाप्रबन्धक उत्तराखंड परिवहन निगम देहरादून
2- कुमाऊं में इन्हें मिली जिम्मेदारी
पुलिस अधीक्षक यातायात हल्द्वानी और नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी।

यह भी पढ़ें - Breaking: उत्तराखंड में दो और मरीज कोरोना वायरस पॉजिटिव..देखिए लेटेस्ट रिपोर्ट
शासन ने यह बात स्पष्ट करी है कि यह पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से ही होगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने बुधवार देर शाम मुख्य सचिव को आदेश दिए कि वे जल्द से जल्द दूसरे राज्य में फंसे उत्तराखंड के निवासियों का विवरण जुटाएं। सीएम त्रिवेंद्र ने बताया कि उत्तराखंड के अधिकतर लोगों ने राज्य वापसी कर ली है मगर अब भी राज्य के तकरीबन और डेढ़ हजार लोग बाहरी राज्यों में फंसे हुए हैं और उन्होंने राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है। ऐसे में बाहरी राज्यों में फंसे उत्तराखंड के लोगों का विवरण जुटा कर एक डाटा तैयार किया जा रहा है जिसके निर्देश बुधवार को मुख्य सचिव को दिए गए। उन्होंने बताया कि लोगों को राज्य में वापस लाने से पहले सम्बंधित राज्य की अनुमति मिलनी भी जरूरी है। साथ ही साथ उन लोगों की राज्य वापसी के दौरान उत्तराखंड में कोरोना फैलने का खतरा न हो इस बात का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।