देवप्रयाग में फंसा रूस का युवक बना हनुमान भक्त, बताई दिल छूने वाली बातें

रूस के रहने वाले लियो आध्यात्म और शांति की तलाश में उत्तराखंड आए थे। 19 मार्च से वो देवप्रयाग में फंसे हैं, यहां वो कोरोना संकट टालने के लिए कुछ ऐसा कर रहे हैं, जिसे सुन आपका दिल भर आएगा...
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Devprayag News: Russian citizen in devprayag become hanuman bhakt
Image: Russian citizen in devprayag become hanuman bhakt

टिहरी गढ़वाल: कोरोना इंसान से क्या-क्या नहीं करा रहा। घर लौटने की उम्मीद में दूसरे राज्यों में फंसे लोगों ने देशभर की सड़कें नाप दीं, शुक्र है कि हम फिर भी अपने देश में हैं, पर जरा उन लोगों के बारे में सोचें जो कि अपने वतन, अपने परिवार से दूर हमारे देश में फंसे हैं। परिजनों से ये दूरी अभी ना जाने कितने दिन और बर्दाश्त करनी पड़ेगी, ये भी पता नहीं। रूस का रहने वाला एक युवक भी इन दिनों उत्तराखंड में फंसा है। लॉकडाउन के चलते पैदा हुई दुश्वारियों ने इस विदेशी युवक को भगवान हनुमान का भक्त बना दिया है। वो कोरोना से मुक्ति के लिए भगवान हनुमान की सेवा में जुटा है। देवप्रयाग के मंदिर में साफ-सफाई और पूजा करते इस विदेशी युवक की तस्वीरें आपका दिल छू लेंगी। श्रीनगर के पास देवप्रयाग में रह रहे इस रूसी युवक का नाम लियो है। आध्यात्म और शांति की तलाश में लियो अपनी एक महिला मित्र के साथ 10 दिसंबर को भारत आए थे। दो महीने गोवा में रहने के बाद ये लोग वृंदावन गए। बाद में दोनों नोएडा में अपने मित्र के घर रहने चले गए। इस दौरान लियो की महिला मित्र नोएडा में ही रुक गई, लेकिन लियो हिमालय की यात्रा पर उत्तराखंड पहुंच गए। आगे जानिए क्या हुआ

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देवप्रयाग में गंगा दर्शन के लिए आते वक्त देश में लॉकडाउन लग गया। जिसके बाद लियो यहीं फंसकर रह गए। 19 मार्च से लियो देवप्रयाग के प्राचीन स्थल धनेश्वर में फंसे हैं। उन्हें कुटिया में रहने वाले साधु गणेश महाराज ने अपने यहां रहने की जगह दी है। कुटिया में रहने वाले लियो ने गणेश महाराज से प्राचीन हनुमान मंदिर में सेवा करने की इच्छा भी जताई थी। लियो का सेवाभाव देख गणेश महाराज ने भी हामी भर दी। तब से ये युवक यहां भगवान हनुमान की सेवा में जुटा है। इतना ही नहीं यह विदेशी नागरिक रोजाना हनुमान मंदिर की साफ-सफाई के बाद मूर्ति में सिंदूर लगाकर पूजा भी करता है। विदेशी नागरिक ने सरकार से उसे अपने देश रूस तक पहुंचाने की गुहार लगाई है। लियो को भारतीय धर्म, संस्कृति से गहरा लगाव है। उन्होंने बताया कि उन्हें भगवान की पूजा समेत दूसरे कामों में बहुत संतोष मिलता है। लियो हनुमान मंदिर में कोरोना संकट से मुक्ति के लिए हर दिन प्रार्थना करते दिखते हैं। उन्होंने भारत सरकार से उन्हें अपने मित्र के पास नोएडा पहुंचाने की गुहार भी लगाई, ताकि वो वहां से अपने देश वापस लौट सकें।