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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: उत्तराखंड में सैकड़ों प्रवासी गांव की ओर रुख कर चुके हैं। ऐसे में वह सभी 14 दिन की अवधि के लिए क्वारंटाइन सेंटरों में रह रहे हैं। मगर उत्तराखंड के क्वारंटाइन सेंटर की हालत हम सब जानते ही हैं। गांव में स्कूलों के अंदर क्वारंटाइन सेंटर में ढंग से व्यवस्था नहीं हो पा रही है। बजट के अभाव के कारण ग्राम प्रधानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चमोली के बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र के गांवों में भी कुछ ऐसा ही हाल हो रखा है। सरकारी स्कूलों को ही क्वारंटाइन सेंटर बनाया जा रहा है। वहां पैसों की कमी के कारण ढंग से व्यवस्था नहीं हो पा रही है। लोग खराब और नामात्र की सुविधाएं के बीच रहने पर मजबूर हो रखे हैं। मूलभूत सुविधाएं न मिलने के कारण क्वारंटाइन हो रखे लोगों के साथ ही चमोली के ग्राम प्रधानों को भी काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उनकी समस्या देखते हुए बदरीनाथ विधानसभा के विधायक महेंद्र प्रसाद भट्ट ने प्रत्येक ग्राम सभा में 10-10 हजार रुपए जारी करवाने के लिए चमोली के सीडीओ को पत्र भेजा है। बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र के विधायक महेंद्र सिंह भट्ट ने अपने क्षेत्र के गांव के क्वारंटाइन सेंटरों की हालत देखने के बाद सीडीओ चमोली को पत्र लिखा। आगे पढ़िए