उत्तराखंड: यहां बनेगी हाईटेक डबल लेन टनल, सुरक्षित होगी बदरी-केदार यात्रा..जानिए खूबियां

जिले में बदरीनाथ और गौरीकुंड नेशनल हाईवे को लिंक करने के लिए 902 मीटर लंबी सुरंग बनेगी। इस सुरंग के बनने के बाद चारधाम यात्रा सुगम और सुरक्षित हो जाएगी, शहर में ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा...
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Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

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All Weather Road Uttarakhand: Double lane Tunnel will be built in rudraprayag
Image: Double lane Tunnel will be built in rudraprayag

रुद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग के लोगों के लिए अच्छी खबर है। यहां बाजार में आए दिन लगने वाले जाम से हमेशा के लिए निजात मिलने वाली है। जिले में बदरीनाथ और गौरीकुंड नेशनल हाईवे को लिंक करने के लिए 902 मीटर लंबी सुरंग बनेगी। इस सुरंग के बनने के बाद चारधाम यात्रा सुगम और सुरक्षित हो जाएगी। साथ ही केदारनाथ तिराहा, बेलणी पुल और मुख्य बाजार में आए दिन लगने वाले जाम से हमेशा के लिए निजात मिलेगी। ग्रामीणों की हाईवे तक पहुंच भी आसान बनेगी। रुद्रप्रयाग सुरंग का निर्माण कार्य सालभर के भीतर शुरू होने की उम्मीद है। प्रोजेक्ट को लेकर आपके मन में भी कई सवाल होंगे, चलिए इनका जवाब भी दे देते हैं। प्रोजेक्ट का काम चारधाम विकास परियोजना के तहत किया जाएगा। 200 करोड़ की लागत से बनने वाली इस सुरंग के लिए केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने भूमि हस्तांतरण की इजाजत दे दी है। आगे भी पढ़िए

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सुरंग निर्माण के साथ ही अलकनंदा नदी पर 190 मीटर लंबा पुल भी बनाया जाएगा। बीआरओ ने डीपीआर तैयार कर के संबंधित विभाग को सौंप दी है। ये सुरंग जवाड़ी बाईपास से लगे पहाड़ पर बनेगी। जिसका दूसरा छोर रुद्रप्रयाग-चोपता-पोखरी मोटर मार्ग पर बेलणी में आबादी क्षेत्र से कुछ आगे निकलेगा। यहां सुरंग को ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे से लिंक करने के लिए अलकनंदा नदी पर 190 मीटर लंबा पुल बनाया जाएगा। आपको बता दें कि बीआरओ ने रुद्रप्रयाग में बदरीनाथ और गौरीकुंड हाईवे को लिंक करने के लिए सुंरग बनाने का प्रस्ताव साल 2008-09 में केंद्र को भेजा था। साल 2011-12 में सुरंग के सर्वे को मंजूरी मिली। साल 2015-16 में तीन चरणों में सर्वे का काम पूरा किया गया। अब जल्द ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने होने वाला है। सुरंग बनने से रुद्रप्रयाग में ट्रैफिक का दबाव तो कम होगा ही, बदरीनाथ-गौरीकुंड एनएच के जुड़ने से अलकनंदा नदी के दोनों तरफ बसे गांवों के लोगों की हाईवे तक पहुंच भी आसान हो जाएगी।