गढ़वाल में कोरोना पॉजिटिव युवक की दिखाई समझदारी, बचा ली कई लोगों की जान

दिल्ली से लौटे प्रवासी युवक को फेसेलिटी क्वारेंटीन में रहने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन युवक की तबीयत ठीक नहीं थी। इसलिए वो क्वारेंटीन होने की बजाय सीधे जिला अस्पताल पहुंच गया...आगे पढ़िए पूरी खबर
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Pauri Garhwal Coronavirus: Youth in Garhwal intelligently saved many lives
Image: Youth in Garhwal intelligently saved many lives

पौड़ी गढ़वाल: सोशल डिस्टेंस कोरोना को हराने के लिए सबसे बढ़िया हथियार है, लेकिन अफसोस कि लोग अब भी इसे लेकर ज्यादा गंभीर नहीं हैं। लोगों की लापरवाही के चलते उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं, लेकिन कुछ मामले ऐसे भी हैं जिनमें कोरोना संक्रमित मिले लोगों की सजगता ने कई लोगों को संक्रमित होने से बचा लिया। ऐसा ही एक मामला पौड़ी में सामने आया है, जहां कोरोना पॉजिटिव मिले युवक ने समय रहते, सही फैसला लिया। और इस तरह संक्रमण को फैलने से रोक दिया। यह युवक दिल्ली से पौड़ी शहर लौटा था। यहां लौटने पर उसे संस्थागत क्वारेंटीन होने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन युवक फेसेलिटी क्वारेंटीन में रहने की बजाय सीधा जिला अस्पताल पहुंचा। जहां उसने अपनी जांच कराई। स्क्रीनिंग के दौरान युवक में कोरोना के लक्षण दिखे। जिसके चलते उसे अस्पताल में आइसोलेट कर दिया गया।

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गुरुवार को युवक की कोरोना सैंपल जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। ये युवक एक साल पहले काम की तलाश में दिल्ली गया था। 6 जून को वो एक गाड़ी बुक कर दिल्ली से पौड़ी लौटा। जहां प्रशासन ने युवक को जीएमवीएन के गेस्ट हाउस में क्वारेंटीन होने को कहा, लेकिन युवक की तबीयत ठीक नहीं थी। इसलिए वो क्वारेंटीन होने की बजाय सीधे जिला अस्पताल पहुंच गया। जहां उसे आइसोलेट कर दिया गया। 8 जून को अस्पताल में युवक का सैंपल लिया गया। गुरुवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। युवक ने दिल्ली में उसके संपर्क में आए लोगों के बारे में प्रशासन को पूरी डिटेल भी दी है। जिसकी सूचना प्रशासन ने दिल्ली प्रशासन को भेज दी है। युवक ने कोरोना के लक्षणों को इग्नोर नहीं किया और समय रहते अस्पताल पहुंच गया। जिससे युवक का समय पर इलाज शुरू हो सका, साथ ही कई लोग संक्रमण की चपेट में आने से बच गए। बाहर से लौट रहे प्रवासियों को इसी तरह सजग रहने की जरूरत है।