उत्तराखंड: पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए आ सकती है नई गाइडलाइन..5 विकल्पों पर हो रहा है विचार

इस वक्त राज्य सरकार ने 50 फीसदी यात्रियों पर सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट चलाने की अनुमति दी है, लेकिन संचालक आधी सवारी में सेवा देने को तैयार नहीं हैं, यही वजह है कि प्रदेश में नई गाइड लाइन पर विचार किया जा रहा है...
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Uttarakhand Public Transport: New guideline may be release for bus and taxi in uttarakhand
Image: New guideline may be release for bus and taxi in uttarakhand

देहरादून: कोरोना संकट के बीच जिंदगी को दोबारा से पटरी पर लाने के लिए लागू अनलॉक-1.0 में अब धीरे-धीरे जिंदगी भी अनलॉक हो रही है। राज्य सरकार ने कंटेनमेंट जोन को छोड़कर दूसरे इलाकों से पाबंदियां हटाना शुरू कर दिया है। धार्मिक स्थलों पर आवाजाही की इजाजत दे दी गई है। लाइव हिंदुस्तान डॉट कॉम के मुताबिक अब राज्य सरकार सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को पटरी पर लाने की कवायद में जुटी है। इसके लिए राज्य में जल्द ही नई गाइड लाइन जारी हो सकती है।
1- खबर के मुताबिक नई गाइड लाइन में पूरी क्षमता में सवारी बैठाने और किराया बढ़ाने समेत चार विकल्पों पर विचार हो रहा है।
2- पहला विकल्प ये है कि इस वक्त देश के कुछ राज्यों में पूरी सवारी क्षमता पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट चल रहा है, ऐसा उत्तराखंड में भी हो सकता है।
3- दूसरे विकल्प के तौर पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जुड़े वाहनों का किराया बढ़ाया जा सकता है। आगे भी पढिए

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4-इसके अलावा एक और ऑप्शन है। वाहन चालकों को 50 फीसदी सवारी बैठाने की वजह से जो नुकसान हो रहा है, उसकी भरपाई राज्य सरकार कर सकती है।
5- इसके अलावा टैक्स-बीमा में छूट पर विचार हो सकता है। राज्य सरकार रोडवेज बसों का संचालन कर सकती है।
इस वक्त राज्य सरकार ने 50% यात्रियों पर सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट चलाने की अनुमति दी है, लेकिन संचालक आधी सवारी में सेवा देने को तैयार नहीं हैं। टैक्सी वाले भी बुकिंग पर ही चल रहे हैं। यही वजह है कि नई गाइड लाइन पर विचार किया जा रहा है। अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह ने कहा कि फिलहाल हम दूसरे राज्यों की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था का अध्ययन कर रहे हैं। कई बिंदुओं पर विचार हो रहा है। नई गाइडलाइन शासन स्तर से जारी होनी है।