उत्तराखंड: ऑलवेदर रोड पर हाईटेक टनल, आसान होगी बदरीनाथ यात्रा..जानिए खूबियां

ऑलवेदर रोड के तहत आने वाला बदरीनाथ हाइवे के भूस्खलन क्षेत्र पातालगंगा में निर्माणाधीन टनल का कार्य बहुत ही जोरों-शोरों से चल रहा है। 2021 तक यह काम पूरा होगा।
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Badrinath Highway Patalganga Tunnel: Hi-tech tunnel on Badrinath highway
Image: Hi-tech tunnel on Badrinath highway

चमोली: चीन के साथ वर्तमान में भारत के संबंध फिलहाल बहुत खराब हैं। सीमा के दोनों ही तरफ मामला बेहद गर्म है और साथ ही दोनों ही तरफ सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि भारत मे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों। बॉर्डर सुरक्षा की दृष्टि से उत्तराखंड भी काफी अहम भूमिका निभाता है क्योंकि उत्तराखंड के 3 जिले चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ की सीमाएं चीन से लगती हैं। यह समय बहुत महत्वपूर्ण है इसलिए जिला प्रशासन और राज्य सरकार ने अपने कार्य करने की गति को और बढ़ा दिया है। ऐसे में उत्तराखंड में जितने भी महत्वपूर्ण सड़कों और हाइवे का चौड़ीकरण और सुधारीकरण कार्य चल रहा था, उसने तेजी पकड़ ली अब उत्तराखंड में दोगुनी रफ्तार से यह काम हो रहे हैं। आगे पढ़िए

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इसी कड़ी में आता है ऑलवेदर रोड के तहत आने वाला बदरीनाथ हाइवे जहां भूस्खलन क्षेत्र पातालगंगा में निर्माणाधीन टनल का कार्य बहुत ही जोरों-शोरों से चल रहा है। जिला प्रशासन और सरकार ने कहा है कि अगर मौसम ने साथ दिया तो टनल 2021 तक बन कर तैयार हो जाएगा और इसी के साथ 2021 से बदरीनाथ धाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा भी काफी आसान हो जाएगी। अगले साल की शुरुआत से आम वाहनों और सेना के वाहनों की आवाजाही इस टनल से शुरू हो जाएगी। बता दें कि हर साल भारी बारिश के कारण यहां तीर्थयात्रियों के साथ ही सैनिकों को आवाजाही में काफी दिक्कत होती थी जिसके बाद 85 मीटर लंबे टनल के निर्माण का निर्णय लिया गया। टनल के बनते ही तीर्थयात्रियों के साथ ही सैनिकों को भी आवाजाही में आसानी रहेगी।

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बदरीनाथ हाइवे पर यह टनल बनने से दो फायदे होंगे। पहला कि श्रद्धालुओं की बद्रीनाथ यात्रा सुगम और आसान बनेगी। दूसरा सामरिक द्रष्टि से भी यह हाईवे बेहद महत्वपूर्ण है। बद्रीनाथ हाइवे चीन सीमा क्षेत्र को जोड़ता है। ऐसे में इसके सुधारीकरण और चौड़ीकरण पर सरकार और प्रशासन पूरा ध्यान दे रही है। अगर इस टनल की बात करें तो यह टनल भविष्य में बहुत उपयोगी साबित होगा। पीपलकोटी से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित भूस्खलन जोन पातालगंगा में भूस्खलन रोकने के लिए 85 मीटर लंबे टनल का निर्माण किया जा रहा है। टनल का निर्माणकार्य बेहद जोरों शोरों से चल रहा है। बता दें कि भूस्खलन क्षेत्र पातालगंगा में बारिश के दिनों में हर वर्ष वाहनों की आवाजाही में काफी बाधा आती है। जिसको देखते हुए इस क्षेत्र में 85 मीटर लंबी टनल का निर्माण करने का निर्णय लिया गया था। आने वाले साल तक इस टनल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस टनल के बनते ही तीर्थ यात्रियों की राह आसान हो जाएगी। वहीं सबसे महत्वपूर्ण कि हमारे सेना के जवानों को भी इस टनल से काफी मदद मिलेगी।