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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण प्रारंभ होने वाला है। पांच सौ साल बाद यहां एक बार फिर रामदरबार सजेगा। पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन करेंगे, इसी के साथ करोड़ों रामभक्तों का सपना साकार होने वाला है। श्रीराम मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में भू-बैकुंठ बदरीनाथ धाम की मिट्टी और अलकनंदा नदी का जल भी प्रयोग किया जाएगा। बदरीनाथ धाम की पावन मिट्टी और अलकनंदा नदी का जल शिलान्यास कार्यक्रम के लिए अयोध्या ले जाया जाएगा। बदरीधाम में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद विश्व हिंदू परिषद के प्रतिनिधि देवी प्रसाद देवली बदरीनाथ धाम से मिट्टी और पवित्र जल लेकर अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगे। खुद बदरीनाध धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने इसकी पुष्टि की है। बदरीनाध धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम आने वाले कई श्रद्धालु यहां की मिट्टी और अलकनंदा नदी का जल अपने साथ लेकर वापस लौटते हैं। इसका प्रयोग शुभ कार्यों में किया जाता है। अब धाम की मिट्टी और जल को अयोध्या भेजा जा रहा है। जहां श्रीराम मंदिर के शिलान्यास में इसका प्रयोग किया जाएगा। आगे पढ़िए